हरियाणा विधानसभा के प्रश्नकाल में रोहतक के विधायक भारत भूषण बतरा ने पीरबोधी तालाब का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तालाब पर कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने 125 साल पुराने तालाब के सबूत पेश किए और 2021 व 2024 की तस्वीरें दिखाकर तालाब को मिटाने की साजिश का दावा किया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इस बहस में कूद पड़े और तालाब के अस्तित्व की पुष्टि करते हुए सरकार पर ऐतिहासिक धरोहर मिटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तालाब रोहतक व आसपास के 12 गांवों के पानी के निकास के लिए बनाया गया था।
मंत्री महिपाल ढांडा और मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तालाब के अस्तित्व से ही इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 1990 के गजट नोटिफिकेशन में इस जमीन को कभी अलॉट नहीं किया गया और यह वक्फ बोर्ड की जमीन है, जिस पर किसान पट्टे पर खेती कर रहे हैं।