कैथल जिले में आईटीआई में 17-18 नवंबर को होने वाले जिला युवा महोत्सव हरियाणवी संस्कृति को समर्पित होगा। इसमें शामिल होने के लिए पंजीकरण के लिए समय सीमा सात नवंबर तक बढ़ा दी गई है। आयोजन के दौरान कई तरह की प्रतियोगिताओं को प्रस्तुत किया जाएगा। निर्णायक मंडल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बुलाए जाने पर सहमति बनी है।
महोत्सव के संबंध में बुधवार को आईटीआई के जिला युवा समन्वयक एवं राजकीय आईटीआई कैथल के प्राचार्य सतीश मच्छाल ने संबंधित अधिकारियों से बैठक की। इसमें युवा महोत्सव कमेटी के सदस्यों, जेवाईसीओ व बीवाईसीओ ने भाग लिया और कार्यक्रम को लेकर रूपरेखा तैयार की। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला युवा महोत्सव के कार्यक्रम में निर्णायक मंडल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बुलाया जाएगा।
पंजीकरण का समय 7 नंवबर तक बढ़ाया
यह भी जानकारी दी गई कि महोत्सव पंजीकरण का समय सात नवंबर तक बढ़ाया गया है। अत: सभी सदस्य सात नवंबर तक अधिक से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण करवाएं। जिला युवा महोत्सव में लोक नृत्य सामूहिक के लिए न्यूनतम छह व अधिकतम संख्या 10 सहित हो सकती है। लोक नृत्य एकल के लिए अधिकतम संख्या पांच हो सकती है। लोक गीत सामूहिक के लिए न्यूनतम छह व अधिकतम संख्या 10 और लोक गीत एकल के लिए अधिकतम संख्या पांच रहेगी।
इन सभी प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
आयोजन के दौरान कहानी लेखन के लिए विषय पर्यावरण, मोबाइल फोन के लाभ व हानि और नशा मुक्ति रहेंगे। माध्यम हिंदी व अंग्रेजी रहेगा। इसी प्रकार पोस्टर बनाओ का विषय हरियाणवी संस्कृति रहेगा। प्रतिभागी अपना रंग व बोर्ड अपने साथ लेकर आएंगे। पोस्टर आईटीआई की ओर से दिया जाएगा। भाषण प्रतियोगिता का विषय पर्यावरण, मोबाइल फोन के लाभ व हानि व नशा मुक्ति रहेंगे। माध्यम हिंदी व अंग्रेजी रहेगा। फोटोग्राफी का विषय प्रकृति चित्रण होगा। तत्कालीन व्याख्यान का विषय प्रतियोगिता के समय ही बताया जाएगा। विषयगत प्रतियोगिता का विषय समाज के लिए बाजरा उत्पादन विज्ञान व विज्ञान में सुधार रहेगा।
कौन-कौन रहा मौजूद
बैठक में अधीक्षक सोहन लाल, शमशेर सिंह, दीपक पुनिया, राजेश सैनी, प्रवीन कुमार, डॉ. अमित कुमार पाहवा, प्रमोद कुमार, संजय कुमार, सतीश कुमार, दलशेर सिंह, रविंद्र कुमार, संदीप कुमार राविश, अनिल ढुल, विकास कुमार, रविकेश, कर्मवीर, मलकीत सिंह व नरेश कुमार मौजूद रहे।

