Faridabad कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 150 कंपनियों को नोटिस जारी कर उनकी अनियमितताओं पर जवाब तलब किया है। इन कंपनियों पर कर्मचारियों के पीएफ फंड में गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन का आरोप है। ईपीएफओ ने सख्त रुख अपनाते हुए कंपनियों को एक महीने के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
कर्मचारियों के वेतन से कटौती, लेकिन खाते में जमा नहीं
यह कार्रवाई उन कंपनियों पर केंद्रित है जो कर्मचारियों के पीएफ योगदान में कटौती कर रही थीं या फिर तय समय पर राशि जमा नहीं कर रही थीं। इन कंपनियों पर सात से आठ करोड़ रुपया बकाया बताया जा रहा है। ईपीएफओ के इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
कोविड के दौरान 600 से ज्यादा कंपनियों को भेजे थे नोटिस
कोविड के दौरान बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों ने कर्मचारियों का पीएफ अंशदान जमा नहीं किया था। नोटिस जारी होने के बाद ज्यादातर कंपनियों ने नियोक्ता के हिस्से का अंशदान जमा कर दिया, लेकिन करीब 150 कंपनियां ऐसी पाई गई हैं, जो लंबे समय से पीएफ खातों में नियोक्ता के हिस्से का अंशदान जमा नहीं कर रही हैं।
जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई
ईपीएफओ की यह सख्ती न केवल कंपनियों को जवाबदेह बनाएगी बल्कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने में भी सहायक होगी। यदि कंपनियां समय पर जवाब नहीं देतीं या दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ जुर्माना और नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।







