फतेहाबाद के पालिका बाजार में दोपहर को गाड़ी पार्किंग से जुड़ी बहस में बवाल मच गया। दो गुटों के लोगों के बीच हुई मारपीट ने हालात को खतरनाक बना दिया। इस दौरान पार्षद निर्मल सिवाच भी वहां मौजूद थे और उन्होंने भी इस लड़ाई में हिस्सा लिया। लड़ाई के समय बहुत सारे लोग भीड़ जमा हो गए, और पुलिस भी मौके पर मौजूद नहीं थी। हंगामे ने बहुत देर तक चलते रहे।
जानकारी अनुसार एक मोबाइल शॉप के सामने एक गाड़ी खड़ी थी। जब उसका चालक दुकान पर गया, तब दूसरी गाड़ी के चालक ने गाड़ी को हटाने को कहा। इससे विवाद शुरू हो गया और हाथापाई हो गई। दोनों गुटों ने अपने-अपने साथियों को बुलाया। बताया जा रहा है कि दूसरा गुट ने पार्षद निर्मल सिवाच को भी बुलाया। लेकिन न ही पार्षद ने मामले को सुलझाया और न ही लोगों को संतुष्टी दी। जबकि पालिका मार्केट में पार्किंग की अनुमति नहीं है, लेकिन यहां वाहन बिना इजाजत के खड़े रहते हैं, जिससे वहां का यातायात प्रशासनिक दिक्कतों से जूझता है।

घटना ने फतेहाबाद में सुरक्षा प्रबंधन की कमी को भी उजागर किया है, क्योंकि हंगामे के दौरान पुलिस नजरअंदाज कर रही थी। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि घटना को बढ़ाने में विघ्न उत्पन्न हो गया और सामान्य लोगों को भी परेशानी हुई। इस घटना से साफ हो रहा है कि स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा उपायों को मजबूती से स्थापित करने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं न हों और लोग अपने दिनचर्या को सुरक्षित तरीके से जारी रख सकें।


