Mahendragarh में हुए एक स्कूल बस हादसे में 6 बच्चों की मौत के बाद फतेहाबाद(Fatehabad) में स्कूल संचालकों(school Administration) के प्रति प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। इसके परिणामस्वरूप सोमवार को RTA विभाग ने हुडा ग्राउंड पर स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग और पास होने के लिए लाइन में लगने का वायदा किया गया, लेकिन दुखद बात यह थी कि इस दौरान Test में केवल 2-3 बसें ही पास हो सकीं, बाकी को रिजेक्ट कर दिया गया।
घटना के बाद लोगों में परेशानी बढ़ी] क्योंकि उनकी बसें पास नहीं हो पाईं और उन्हें इस वजह से काफी तकलीफ हो रही थी। प्रशासन के आरटीए कार्यालय ने सभी बसों की जांच की और पाया कि बहुत सी बसें नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। इस चेकिंग के दौरान पता चला कि स्कूल संचालक बिना फिटनेस पास के बसें चला रहे थे, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठा। यहां तक कि ट्रैफिक पुलिस और आरटीए विभाग ने कभी भी ऐसी जांच नहीं की थी। प्रशासन को सख्ती से यह सुनिश्चित करने की जरूरत थी कि स्कूल बसें सुरक्षित हों।

इसी दिशा में चेकिंग टीम ने एक दिन में 35 से 40 बसों की जांच की। कुछ स्कूलों की बसों को रिजेक्ट कर दिया गया, जैसे कि फतेहाबाद का बालवाटिका स्कूल और रॉयल इंटरनेशनल स्कूल। चेकिंग में बसों की हर चीज़ की जांच की गई, जैसे कि लाइटें, बैक गियर, वाइपर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट, और सीटों का भी जांच की गई।
बसों के नंबर एवं चालकों की भी हुई जांच
साथ ही बस के पीछे पुलिस हेल्पलाइन नंबर, स्कूल का नाम, और चालक का नंबर भी लिखे गए। इसके बाद बसों के चालकों और स्कूल के प्रतिनिधियों को सख्ती से सलाह दी गई कि वे सुरक्षा के सारे नियमों का पालन करें। जिससे बच्चों की सुरक्षा में सुधार हो सकेगा और हम इस तरह की दुर्घटनाओं को रोक सकेंगे।

