air pollution mehedi 1581174038828

हरियाणा के इन जिलों में जहरीली हुई हवा, उड़ रही धूल मिट्टी, जल रही पराली

कैथल गुरुग्राम फरीदाबाद सोनीपत हरियाणा

हरियाणा के कई शहरों में सर्दी की आहट और बदलते मौसम के साथ ही हवा जहरीली होने लगी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सोनीपत, फरीदाबाद, कैथल, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, नारनौल में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है। यहां हवा की क्वलिटी प्रभावित हो रही है। हालात इसी तरह रहे तो यह आने वाले दिनों में बेहद खराब श्रेणी में पहुंच जाएगा। धान की कटाई के साथ ही कई जिलों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा कई अन्य कारणों से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।

हरियाणा में आबो हवा अब खराब होने लगी है। गुरुवार को दोपहर 12 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 349 रहा। यहां हवा में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में है। फरीदाबाद के सेक्टर 11 में यह 324 और सोनीपत में 299 रहा। राजधानी क्षेत्र से दूर कैथल में एयर क्वालिटी इंडेक्स 279 दर्ज किया गया। इन शहरों में हवा सांस लेने लायक नहीं है। वातावरण में बढ़ी धूल-मिट्‌टी, वा की गति मंद होने, बारिश न होने, जनरेटर के प्रयोग और पराली जलाने जैसी घटनाओं से प्रदूषण बढ़ रहा है। बुधवार को सोनीपत देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा था।

इन सबके कारण बिगड़ रहे हैं हालात

Whatsapp Channel Join

सड़कों की धूल और निर्माणाधीन साइटों पर नियमों का उल्लंघन प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। टूटी सड़कों को बनाने और धूल को साफ करने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सोनीपत में 24 कंपनियों को इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है। पराली जाने के मामले हर जिले में सामने आ रहे हैं।

14 जिलों में जीआरएपी लागू, फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर लगाया जाएगा जुर्माना

प्रदेश सरकार ने पहले चरण में प्रदेश के 14 जिलों में ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान  लागू कर दिया गया है। इन जिलों में डीजल से चलने वाले जनरेटर सेट नहीं चल पाएंगे। धान की पराली जलाने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। हालांकि कुछ किसान फसल अवशेष जलाने में बाज नहीं आ रहे। उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। सोनीपत में एक किसान पर प्रशासन ने केस भी दर्ज कराया है।

एयर क्वालिटी मैनेजमेंट द्वारा जारी आदेश

एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन के द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 25 केवीए से कम क्षमता वाले जनरेटरों में कोई किट नहीं लगाई जाएगी। इसमें कोई बदलाव भी नहीं होगा। 25 से 140 केवीए क्षमता तक के जनरेटर पर गैस और डीजल वाली ड्यूल किट लगानी होगी। 140 केवीए से ऊपर की क्षमता वाले जनरेटर पर ड्यूल किट या आरईसीडी में से एक किट लगानी पड़ेगी। आरईसीडी किट एक तरह से फिल्टर का काम करेगी, जो धुएं में 2.5 पीएम को कंट्रोल करेगी।