Haryana मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में तीन अहम नियुक्तियां की गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा को मुख्यमंत्री का विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) नियुक्त किया है, जबकि पंचकूला निवासी तरुण भंडारी को राजनीतिक सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी प्रवीण अत्रे को फिर से मीडिया सचिव बनाया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर का प्रभाव स्पष्ट:
इन नियुक्तियों में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिल रहा है। CM सैनी के राजनीतिक सचिव बने तरुण भंडारी, जो पूर्व CM के कार्यकाल में भी CMO में राजनीतिक सचिव की भूमिका में थे। इसी तरह, मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे और OSD वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा भी खट्टर के करीबी रहे हैं और उनके कार्यकाल में CMO में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
पूर्व मंत्रियों को बड़ा झटका:
इन नियुक्तियों के साथ ही 4 पूर्व मंत्रियों की मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्ति की उम्मीदें टूट गई हैं। विधानसभा चुनाव में हारने वाले इन मंत्रियों में से कई CMO में OSD या राजनीतिक सलाहकार के पद के लिए प्रयासरत थे। पूर्व मंत्री असीम गोयल और सुभाष सुधा को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता था, लेकिन उनकी उम्मीदें अब धरी की धरी रह गईं। इसके अलावा, पूर्व मंत्री जेपी दलाल और कंवरपाल गुर्जर भी CMO में अपनी जगह बनाने के लिए प्रयास कर रहे थे।
मीडिया सलाहकार का पद खाली:
मुख्यमंत्री का मीडिया सलाहकार का पद फिलहाल खाली पड़ा है, और इस पद के लिए BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे राजीव जेटली की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन का नाम भी इस पद के लिए चर्चा में है।
CMO में बदलावों का असर:
इन नई नियुक्तियों के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में और कौन सी नियुक्तियां होती हैं, और इन बदलावों का राज्य की राजनीति और प्रशासन पर क्या असर पड़ता है।





