हरियाणा के फतेहाबाद स्थित जाखल खंड के गांव तलवाड़ी में बड़ा बवाल खड़ा होने का मामला सामने आया है। यहां एनजीटी के निर्देशों पर जल संरक्षण के लिए बनाए जाने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व तालाब की खुदाई का कार्य को भारी पुलिस फोर्स तैनात कर आज प्रशासनिक टीम ने तीसरी बार में शुरू करवा दिया। कार्य शुरू होते ही भारतीय किसान यूनियन उग्राहा के सदस्य विरोध करने पहुंच गए। विरोध करने वाले 25 के आसपास लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, उन्हें पहले जाखल चौकी और फिर बाद में म्योंद चौकी के पास ले जाया गया।
वहीं हिरासत में लिए जाने की सूचना पाकर म्योंद के पास किसान इकट्ठा होना शुरू हो गए और रोड जाम कर दिया। इसी दौरान दो-तीन महिलाओं की हालत बिगड़ने लगी तो किसानों में भी गुस्सा बढ़ने लगा। जिसके बाद सूचना पाकर जाखल थाना प्रभारी हरफूल सिंह ड्यूटी मजिस्ट्रेट एडीओ परमिंद्र सिंह के साथ म्योंद चौकी के पास जाम लगाकर बैठे किसानों से मिलने पहुंचे। प्रशासन से मीटिंग कर बातचीत करने का न्योता दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी से गांव के हालात बिगड़ेंगे। बता दें कि पहले दो बार यहां पर ग्रामीण काम रुकवा चुके हैं, तब भी विरोध के चलते भारी पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया था।

72.80 लाख से लगाया जाना है प्रोजेक्ट
बता दें कि गांव तलवाड़ी के गंदे पानी की निकासी घग्गर नदी में हो रही है, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से सख्त हिदायत जारी की गई है कि किसी भी गांव का गंदा पानी नहरों अथवा कच्चे नाले में न किया जाए। एनजीटी के दिशा-निर्देश पर गांव तलवाड़ी में 72.80 लाख रुपए की लागत से एक प्रोजेक्ट लगाया जाना है। जिसमें गांव के सारे गंदे पानी को एक जगह पर एकत्रित करते हुए उसे साफ कर सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाना है। कुछ ग्रामीण गांव से दूर पड़ी पंचायती भूमि पर तालाब बनाने को कह रहे हैं। वहीं उग्राहा ग्रुप से जुड़े किसान भी लगातार विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीण नहीं दिखा पाए कागजात, खुदाई कर दी गई शुरू
वहीं एसडीएम टोहाना प्रतीक हुड्डा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट एडीओ कृषि विभाग परमिंद्र सिंह, डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में फिर भारी पुलिस बल गांव पहुंचा। विरोध करने वाले लोगों को हिरासत में लेकर काम शुरू करवा दिया। पिछली दफा 9 सितंबर को जब टीम मौके पर पहुंची थी, तब विरोध करने वाले ग्रामीणों ने कोर्ट का स्टे लिए जाने की बात कही थी। आज ग्रामीण जब कोई कागजात नहीं दिखा पाए तो खुदाई शुरू कर दी गई। बताया गया है कि करीब 25 लोगों को हिरासत में लिया गया और उन्हें जाखल थाना लाया गया। इसकी सूचना जब उग्राहा ग्रुप से जुड़े अन्य किसानों को लगी तो किसान इकट्ठा होना शुरू हो गए।

किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
वहीं प्रशासन ने भी किसानों के इकट्ठे होने की खबर लगते ही सभी हिरासत में लिए लोगों को म्योंद चौकी के पास भिजवा दिया। बाद में किसान वहां भी पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर जाम लगा दिया। इसी दौरान दो-तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी और वह सड़क पर लेट गईं। किसान लगातार विरोध करते रहे। बाद में प्रशासन ने मामला ठंडा करने के लिए जाखल एसएचओ को मौके पर भेजा। एसएचओ ने किसान नेताओं से मामला बातचीत से सुलझाने का न्योता दिया।

