पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के इस्तीफा स्वीकार होने के बाद हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को नई व्यवस्था तक पंजाब का कार्यवाहक राज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासक का प्रभार मिल सकता है। इस जिम्मेदारी के साथ उन पर चंडीगढ़ प्रशासक की जिम्मेदारी भी होगी। यदि ऐसा होता है तो कप्तान सिंह सोलंकी के बाद राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय पंजाब के दूसरे कार्यवाहक राज्यपाल होंगे। कयास लगाया जा रहा है कि सोमवार 5 फरवरी तक यह निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने अपने पद से 3 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा भेजा था। जानकारी अनुसार बनवारी लाल ने निजी कारणों के चलते पद से इस्तीफा दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिए गए इस्तीफे पत्र में बनवारी लाल ने लिखा है कि वह अपने व्यक्तिगत कारणों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासक के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। कृपया इसे स्वीकार करें। बता दें कि बनवारी लाल पुरोहित 31 अगस्त 2021 को पंजाब के राज्यपाल का पद संभालने से पहले असम और तामिलनाड़ू के राज्यपाल भी रह चुके हैं। पंजाब में अपने अढ़ाई साल के कार्यकाल में उन्होंने कई विवादों को जन्म दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनका ऐसा टकराव रहा कि दोनों को अपने-अपने अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाना पड़ा।

बता दें कि बनवारी लाल पुरोहित काफी समय से भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े है। उन्हें 21 अगस्त 2021 को पंजाब का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। पुरोहित 2 वर्ष 5 माह 2 दिन तक पंजाब के राज्यपाल रहे। इससे पहले बनवारी लाल वर्ष 2016 से 2017 तक असम और वर्ष 2017 से 2021 तक तमिलनाडु के राज्यपाल रहे। पुरोहित का जन्म 16 अप्रैल 1940 को राजस्थान के नवलगढ़ में हुआ। वह वर्ष 1977 में राजनीति में आए और वर्ष 1978 में विदर्भ आंदोलन समिति के टिकट पर नागपुर से विधानसभा का चुनाव जीते थे। वर्ष 1980 में दक्षिण नागपुर से कांग्रेस के विधायक बने।

इसके बाद वर्ष 1984 और वर्ष 1989 में कांग्रेस के टिकट पर नागपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। इसके बाद वर्ष 1991 में राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हुए। फिर वर्ष 1996 में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और वह तीसरी बार सांसद चुने गए। बताया जा रहा है कि बनवारी लाल पुरोहित ने दो दिन पहले ही 2 फरवरी को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
