हरियाणा के हिसार के गांव पिरावाली में देर रात को नशा तस्करों द्वारा पूर्व सरपंच के घर पर फायरिंग करने का मामला सामने आया है। जिसमें ईंटें भी जमकर फेंकी गई। डर के मारे पूर्व सरपंच का पूरा परिवार 2 घंटे तक खुद के घर में अंदर का ताला लगा कर बंधक बनकर बैठा रहा। बाद में पुलिस की डायल-112 टीम घटनास्थल पर पहुंची और इसके बाद पूर्व सरपंच व उसके परिजन बाहर आए।
हिसार के गांव पिरावाली निवासी पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने बताया कि रात देर रात को उनका परिवार घर में सोया हुआ था। इसी दौरान अचानक 10-15 हथियारबंद आदमी आए। यह लोग गांव में नशा हेरोइन, चिट्टा बेचने का काम करते है। आते ही घर के बाहर उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी, उसके घर का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, वह डर से बाहर नही आए। घर से बाहर नही निकले तो ईंट-पत्थर बरसा दिए, तलवार व गंड़ासी दरवाजे पर मारी।
गोली चलने व पथराव की आती रहीं आवाजें
नशा तस्करों ने पूर्व सरपंच के घर के बाहर गोलियां चलानी शुरू कर दी। इससे दहशत में पूरा परिवार घर के अंदर का ताला लगा कर बैठा रहा। वह बाहर नही निकले। बाहर से गोली चलने व पथराव की आवाजें आती रहीं। परिवार की महिला व बच्चे सहमें हुए अंदर कमरों में बैठे रहे। पूर्व सरपंच ने पुलिस को फोन किया और पुलिस के आने का इंतजार करते रहे।
गांव में खुलेआम बेचते है चिट्टा
पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने बताया कि गांव में उसका भतीजा गुरविंद्र सिंह वर्तमान में सरपंच है। गांव में बाज सिंह, शिंकू, सोखी, काकू, सन्तोख सिंह, सतनाम सिंह, प्रीतम सिंह नशे का धंधा करते है। गांव में खुलेआम चिट्टा बेचते है। भतीजे सरपंच गुरविंद्र ने उनके खिलाफ पुलिस में नशे को लेकर शिकायत की हुई है। इस बात का बदला लेने के लिए नशा तस्करों के पूरे गैंग ने उन पर हमला कर दिया। घर से बाहर निकलते तो वह जान ले सकते थे।
धमकी के बाद दहशत में परिवार
हमलावरों ने धमकी दी कि कब तक घर में छिपे रहोगे, सुबह घर से बाहर निकलते ही मारंगे। इस धमकी के बाद अब परिवार के लोग दहशत में है। नशा तस्कर कभी उनके परिवार के बच्चे, महिला व युवकों पर हमला कर नुकसान पहुंचा सकते है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। परिवार के लोग घर के अंदर बंधक बने रहे। वह काफी समय तक पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे में पुलिस वहां पहुंची, पुलिस आई तो हमलावर वहां से फरार हो गए। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकाला। पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। जिसके बाद पूर्व सरपंच के परिवार ने राहत की सांस ली। सुबह भी परिवार के लोग दहशत में ही रहे।

