हरियाणा के कैथल में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण धुएं के गुबार से राहत नहीं मिल पा रही है। चौथे दिन भी एक्यूआई 370 पार है। शनिवार सुबह 11 बजे एक्यूआई 388 दर्ज किया है। अब प्रदूषण के कारण आंखों में जलन के साथ ही सांस के मरीजों में इजाफा होने लगा है। जिसके साथ ही अस्पतालों में खांसी-जुकाम व आंखों की एलर्जी संबंधित केस बढ़े हैं। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।
वहीं खेतों में फसल अवशेष जलाने के भी जिले में अब 300 से अधिक मामले आ चुके हैं। इन मामलों में जिला प्रशासन की ओर से भले ही किसानों पर सवा पांच लाख रुपए जुर्माना लगाया गया हो, लेकिन अब खामियाजा आम नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। जिसका एक कारण दशहरे से लेकर अब तक होने वाली आतिशबाजी भी है। हालांकि 55 किसानों पर मामले दर्ज किए हैं।
अवशेष जलाने वालो पर हो रही कार्रवाई
प्रदूषण को देखते हुए कृषि विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो रहा है। फसल अवशेष प्रबंधन के नोडल अधिकारी व सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने बताया कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।