हरियाणा के आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह को सरकार ने बहाल कर दिया है, उन पर एक करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप था। इसके साथ ही, उन्हें सहकारिता विभाग के विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ एक और आईएएस अफसर राहुल मोदी को सब डिविजनल ऑफिसर (सिविल) बहादुरगढ़ की जिम्मेदारी मिली है, जबकि एचसीएस अफसर चंद्रकांत कटारिया को भी नई जिम्मेदारी दी गई है।
मई में, हरियाणा पुलिस ने 2012 बैच के आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह को 1 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनको सोनीपत में म्युनिसिपल कमिश्नर रहते हुए यह आरोप लगा था। धर्मेंद्र सिंह, जो एचसीएस से प्रमोट होकर आईएएस अफसर बने थे, गुरुग्राम में अपने घर से गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र सिंह को एसआईटी और फरीदाबाद पुलिस के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया।
साल 2022 में, नई दिल्ली के रणजीत नगर में रहने वाले ललित मित्तल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। उनकी शिकायत के अनुसार, उन्हें सोनीपत नगर निगम में सरकारी टेंडर दिलाने का झांसा दिया गया और उसके लिए 1 करोड़ 11 लाख रुपए की रिश्वत ली गई। इन लोगों ने बताया कि रिश्वत की रकम उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। जब उसे सरकारी टेंडर नहीं मिला, तो उसने शिकायत दर्ज करवाई।
वहीं ललित मित्तल की शिकायत के बाद, इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। जांच के दौरान, एसआईटी ने पाया कि आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने नगर निगम में संयुक्त आयुक्त रहते हुए रिश्वत ली थी और इस पर सबूत भी सामने आए। जांच के दौरान, एक और घोटाले की बात सामने आई, जिसमें धर्मेंद्र सिंह ने एक इमारत के निर्माण में 57 करोड़ के टेंडर की रकम को बढ़ाकर 87 करोड़ रुपए कर दिया था। इसमें गलत तरीके से टेंडर की राशि को बढ़ाया गया था।