हरियाणा पुलिस ने डायल 112 प्रोजेक्ट के अंतर्गत दावा किया है कि वे 7.16 सेकेंड में कॉल करने वाले के पास पहुंच जाते हैं। यह प्रोजेक्ट जुलाई 2021 में शुरू किया गया था और तब कॉल के पहुंचने में लगभग 16 मिनट और 14 सेकेंड का समय लगता था। जनवरी माह में यह समय 7 मिनट और 16 सेकेंड में कम हो गया है। जिसके चलते टीम को सूचना मिलते ही तुरंत प्रभाव से मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट करनी होती हैं।
बता दें कि हरियाणा में पुलिस टीमें कॉलर के पास बहुत तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे उनका प्रतिक्रिया समय लगभग 55 प्रतिशत कम हो जाता है। हरियाणा पुलिस अधिकारी ने बताया कि डायल 112 परियोजना भू-स्थानिक तकनीक पर आधारित है, जो संकटपूर्ण कॉलों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए है। हरियाणा में अब 24 घंटे 628 पुलिस वाहन काम कर रहे हैं, जो आपातकालीन सहायता प्रणाली में शामिल हैं। राज्य पुलिस ने एंबुलेंस सेवाओं को अपनी प्रणाली में शामिल करना भी शुरू कर दिया है। हर जिले में 5 एंबुलेंस पहले से ही सिस्टम में शामिल हैं। इस तरह राज्य में 628 में से 139 एंबुलेंस पहले से ही सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। परियोजना के तहत गुरुग्राम और फरीदाबाद में 26 और 16 एंबुलेंस सिस्टम में शामिल हैं।

टीम कार्रवाई कर मुख्यालय को प्रस्तुत करती है रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि आपात स्थितियों में डायल 112 प्रोजेक्ट कार्यरत है, जो लोगों को मदद पहुंचाता है। हरियाणा में दुर्घटना, हिंसा या किसी भी आपात स्थिति में, यदि कोई नागरिक 112 डायल करता है, तो कॉल संबंधित प्राथमिकता क्षेत्र में उपलब्ध समर्थ कॉल सेंटर द्वारा प्राप्त होती है। फिर संबंधित प्रतिक्रिया टीम घटना के अनुसार कार्रवाई करती है और रिपोर्ट मुख्यालय को प्रस्तुत करती है।

108 और 333 नंबर को भी किया गया एकीकृत
एकीकृतीकरण के बाद अगर कोई व्यक्ति 108 पर कॉल करता है, तो यह स्वचालित रूप से 112 सपोर्ट सिस्टम पर अग्रसर हो जाता है और पास के क्षेत्र से एक एंबुलेंस को ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। इसी तरह 333 फायर ब्रिगेड को भी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के साथ एकीकृत किया गया है।

सरकार ने लिया एक नंबर से जोड़ने का निर्णय
यदि कोई व्यक्ति 101 पर कॉल करता है, तो भी उसकी कॉल को 112 सपोर्ट सिस्टम के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके। सरकार ने सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही नंबर (112) से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस समर्थ सिस्टम में 33 दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स वाहन भी शामिल हैं।


