चंडीगढ़ में गीले कचरे को प्रोसेस करने के लिए अस्थाई कंपोस्टिंग प्लांट आज से शुरू किया जा रहा है। जो कि डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर ही शुरू किया गया है। यह प्लांट 2 वर्ष तक काम करेगा और 2 वर्ष के अंदर शहर के गीले कचरे को कंपोस्ट करने के लिए एक दूसरा प्लांट लगाया जा रहा है, जिसके शुरू होते ही इसे बंद कर दिया जाएगा।
दिसंबर महीने से हर दिन निकलने वाले 374 मीट्रिक टन कचरे की प्रक्रिया इसी प्लांट में की जाएगी। अभी चंडीगढ़ में सिर्फ 200 मीट्रिक टन प्रोसेस करने की ही क्षमता है। बाकी का कचरा डंपिंग ग्राउंड में छोड़ दिया जाता है। जिसके कारण वहां कचरे का पहाड़ बनता जा रहा है। बता दें कि चंडीगढ़ नगर निगम की तरफ से एक नया प्लांट लगाने की मंजूरी दी गई है। यह प्लांट 550 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरे की कंपोस्टिंग करने की क्षमता का होगा। जिसे 17 वर्षों के लिए लगाया जा रहा है। जिसमें 2 वर्ष उसे बनाने में लगेंगे और 15 वर्ष तक जो भी कंपनी यह प्लांट लगाएगी, उसका रखरखाव करेगी।
कचरे को कंपोस्ट करने का काम चल रहा
2022 में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने डड्डूमाजरा डंपिंग साइट से 7.7 लाख मीट्रिक टन कचरा कंपोस्ट करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को 28.5 करोड रुपए की ग्रांट को मंजूरी दी थी। तब से यहां पर डंप पड़े कचरे को कंपोस्ट करने का काम चल रहा है।

