प्रदेश के कांग्रेस नेता आए दिन विवादों के घेरे में नजर आने लगे है। जिसमें कभी समालखा विधायक धर्म सिंह छौक्कर सुर्खियों में दिखाई दे रहे है, तो कभी पूर्व मुख्यमंत्री एवं सैलजा आमने सामने दिखाई दे रहे है। वहीं अब एक और विधायक विवादों में आ गए हैं। हरियाणा के बादली से कांग्रेस पार्टी की टिकट से विधायक बने कुलदीप वत्स पर 2019 के विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र में गलत शैक्षणिक योग्यता बताने का आरोप लगा है। जिसको लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जबाब मांगा है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई झूठा या गलत हलफनामा दाखिल करता है, तो उसके खिलाफ छह महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
जानकारी अनुसार सिरसा के नरेश कुमार ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि 2014 के विधानसभा चुनाव में वत्स ने शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झज्जर से 12वीं कक्षा पास करने का किया है, लेकिन 2019 में उन्होंने चुनाव लड़ने के दौरान अपनी जो शैक्षणिक योग्यता बताई, उसमें हरियाणा बोर्ड से खुद को मैट्रिक पास बताया। याचिका में वत्स की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही विधायक रहते उन्होंने जो पैसा लिया है, उसको ब्याज सहित वसूलने की मांग की गई है।
विधायक के निवास में घुसकर दी गई थी धमकी
हरियाणा के बादली विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स को 2022 में अज्ञात बदमाश जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। धमकी विधायक के पटौदी स्थित निवास में घुसकर दी गई थी। हालांकि जब बदमाश घर पहुंचे तो विधायक घर पर नहीं थे। बदमाशों ने विधायक के नौकर को हथियार दिखाया, मारपीट की और विधायक के लिए धमकी देकर भाग गए। पटौदी पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
एक लाख रूपये की मांगी थी रंगदारी
जुलाई 2022 में जान से मारने की धमकी के एक महीने बाद वत्स को अगस्त में एक बार फिर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया। इस बार भी इंटरनेशनल नंबर से काल करके धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए हर महीने एक लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी, नहीं देने पर जान से हाथ धोना पड़ेगा। इससे पहले भी कई बार उन्हें और उनके भाई को जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।