हरियाणा के सोनीपत में गुमशुदा नाबालिग लड़की के केस में थाना बड़ी आए लड़की के परिजनों ने पुलिस कर्मचारी की धुनाई कर दी और उसके हाथ से केस से जुड़े कागजात फाड़ दिए। वारदात में महिला एएसआई को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने 3 चोटों की पुष्टि की है। पुलिस ने एक महिला व उसके परिजनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार गन्नौर क्षेत्र के थाना बड़ी में 3 अक्टूबर को एक नाबालिग लड़की के लापता होने का केस दर्ज किया गया था। मामले में गुमशुदा लड़की की पुलिस तलाश कर ही रही थी कि डाक से 19 अक्टूबर को पुलिस को लड़की की ओर से एक पत्र मिला। इसी बीच लड़की की मां ने मामले में जांच अधिकारी एएसआई दिनेश को फोन किया तो उसने लड़की के पत्र के बारे में उसके परिजनों को जानकारी दी। दिनेश का कहना है कि 20 अक्टूबर को लड़की की मां व अन्य परिजन पुलिस थाने में पहुंचे। जांच अधिकारी ने उनको केस के हालात से अवगत कराया। लड़की द्वारा डाक से भेजी गई शिकायत के बारे में जानकारी दी गई। लड़की के परिजन पत्र की मोबाइल फोन से फोटो लेने लगे तो जांच अधिकारी ने इससे मना कर दिया।
मां ने पत्र छीनकर फाड़ा
आरोप है कि लड़की की मां ने एएसआई के हाथ से लड़की वाला पत्र छीन कर फाड़ दिया। वे पुलिस थाने में ही चिल्लाने लगे। महिला का शोर सुनकर महिला एएसआई सीमा मौके पर आ गई। सीमा ने उन्हें बार बार समझाने की कोशिश की, लेकिन लड़की के परिजनों ने सीमा व उसके साथ लड़ाई झगड़ा व हाथापाई शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों को गालियां देने लगे। शोर सुनकर एएसआई सुनील, एचसी संजीत भी आ गये, इन्होंने हमलावरों से उनको छुड़ाया।
सीएचसी गन्नौर में कराया मेडिकल
एएसआई दिनेश का कहना है कि झगड़े में सीमा को चोटें लगी। उसका सीएचसी गन्नौर में मेडिकल कराया गया, जिसकी एमएलआर में डॉक्टर ने 3 चोट लगने की पुष्टि की। उसने कहा कि महिला व उसके साथ आये हुए परिजनों ने सरकारी काम में बाधा डालकर व सरकारी दस्तावेज को फाड़ा, साथ ही एएसआई सीमा के साथ मार पिटाई की है। थाना बड़ी के एएसआई सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने लड़की की मां व उसके साथ आए अन्य परिजनों के खिलाफ धारा 332/353/186/201 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।