फरीदाबाद — हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि फरीदाबाद के एनआईटी-5 स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को वर्ल्ड बेस्ट स्कूल प्राइज 2025 की दौड़ में शामिल किया गया है। लंदन स्थित प्रतिष्ठित संस्था टी-4 एजुकेशन द्वारा जारी टॉप 10 वैश्विक स्कूलों की सूची में शामिल होने वाला यह न केवल फरीदाबाद, बल्कि पूरे हरियाणा का पहला और एकमात्र स्कूल है।
भारत से केवल चार स्कूल इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुए हैं, और इनमें से एक बनकर यह सरकारी स्कूल हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था की ताकत का उदाहरण बन गया है। छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए नवाचारी प्रयासों, समर्पण और प्रभावशाली कार्यों के चलते इस स्कूल को यह अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।
विद्यालय की खासियतें:
स्कूल में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्राओं को शारीरिक बदलावों, मानसिक स्वास्थ्य, और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाता है। अभिभावकों की भागीदारी भी इस प्रक्रिया में सुनिश्चित की गई है।
देश की पहली लैंग्वेज लैब की शुरुआत भी इसी स्कूल में की गई थी, जिससे छात्राओं को भाषाई ज्ञान आधुनिक तकनीक के माध्यम से मिल रहा है। इसके साथ ही स्कूल की फुटबॉल टीम भी जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रही है।
शिक्षा और रिजल्ट की मिसाल:
विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण चन्द ने बताया कि वह दो महीने से इस स्कूल में कार्यरत हैं और दुनिया के टॉप 10 स्कूलों में नाम आने को पूरे स्टाफ की मेहनत का परिणाम मानते हैं। स्कूल में कंप्यूटर, बायो-कैमिस्ट्री, फिजिक्स, और म्यूजिक लैब्स जैसी सभी प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विद्यालय का रिजल्ट हर वर्ष 99% से 100% के बीच रहता है। लगभग 1500 छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं, और स्कूल में 70 के करीब स्टाफ कार्यरत है। कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को मिड-डे मील योजना के तहत भोजन परोसा जाता है, जिसकी गुणवत्ता पहले जांची जाती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शीर्ष स्तर पर:
स्कूल में ‘बुनियाद’ नामक ऑनलाइन क्लास चलाई जाती है, जिससे कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। हाल ही में एक छात्र ने JEE Advanced में शानदार रैंक प्राप्त की है, और NEET में भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
शिक्षक अमित किशोर, जो 2022 से इस विद्यालय में विज्ञान पढ़ा रहे हैं, ने कहा कि यह उपलब्धि केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि दृढ़ नीयत, समर्पण और मेहनत से संभव हुई है। फरीदाबाद का यह सरकारी स्कूल आज एक मिसाल बन चुका है कि यदि लक्ष्य साफ हो तो कोई भी सीमित संसाधन सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।

