Haryana के ख्याति प्राप्त जाने-माने सारंगी वादक मामन खान(Sarangi player Maman Khan) आज इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी 90 वर्षीय उम्र में बीमारी उन्हें छू रही थी। उन्होंने बुधवार को निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली, उनका जनाजा गुरुवार को हुआ। जिसमें बैण्ड-बाजे के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
बता दें कि जनाजे के दौरान तहसीलदार विजय मोहन सिहाऊ भी मौजूद रहे। खरक पूनिया गांव के लोगों ने फूलों की बारिश की और महिलाएं गीत गाती हुई नजर आई। मामन खान की मौत के बाद उपायुक्त प्रदीप दहिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश ने एक बड़ा कलाकार खो दिया है। मामन खान का जन्म हिसार के खरक पूनिया गांव में हुआ था। उन्हें परिवार का प्यार और सारंगी की मोहब्बत बचपन से ही मिली थी। उनके बेटे उमेद भी सारंगी वादक हैं और उन्हें सारंगी बजाना उन्होंने अपने ताऊ से सीखा था।

मामन खान ने अपने जीवन में बहुत सारे स्मार्ट करियर मोमेंट्स बनाए, जैसे कि उन्होंने अपने संगीत(Indian music) को 20 से अधिक देशों में पहुंचाया। उन्होंने भारत के लिए गर्व कराने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में और अपनी सारंगी के माध्यम से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। उनका निधन पूरे समाज को एक बड़ी क्षति पहुंचाता है, लेकिन उनके उत्तराधिकारियों ने वादा किया है कि वह उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे। उनके परिवार ने संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखने का फैसला किया है। जिससे मामन खान की यादें सदा ताजा रहेंगी।





