अंबाला में बाप-बेटों ने किया टेंडर मालिक के साथ 2.65 करोड़ रुपये का गबन

अंबाला बड़ी ख़बर हरियाणा

हरियाणा के अंबाला कैंट में कंपनी के मालिक के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। जहां बाप-बेटों ने साथ मिलकर कंपनी के मालिक के साथ विश्वासघात कर 2 करोड 65 लाख रुपये का गबन कर दिया। कंपनी मालिक ने जब बाप-बेटों से हिसाब मांगा तो उन्होंने मना कर दिया। कंपनी मालिक का कहना है कि आरोपियों ने रोजाना लेबर, ट्रक समेत कई ओर खर्चों के नाम पर ये सारी रकम गप्त की है। पुलिस ने कंपनी मालिक की शिकायत पर आरोपी बाप-बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ जांच शुरु कर दी है।

अंबाला कैंट की डिफंस कॉलोनी में रहने वाले मंदीप विर्क ने पुलिस को बताया कि वह एफसीआई के हैंडलिंग और ट्रांसपोर्ट का टेंडर लेता है। उसने एफसीआई का कपुरथला में हैंडलिंग-ट्रांसपोर्ट का 15 दिसंबर 2020 से 14 दिसंबर 2022 तक का एक टेंडर लिया था। उसने पंजाब के नवां शहर निवासी प्रेंम चंद को सुपरवाइजर नियुक्त किया था। प्रेंमचंद ही सारा काम-काज देखते थे। प्रेंमचंद उसके पिता के पहले भी जानकार थे। इसी विश्वास के चलते उसने प्रेमचंद के दोनों बेटों मुकेश कुमार और भूंपिद्र सिंह को भी काम की देखभाल के लिए रख लिया था।

लेबर, ट्रक और दूसरे खर्चों के लिए पैसे मागंने किए शुरु

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शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रेंमचंद और उसके दोनों बेटों ने लेबर, ट्रक और दूसरे कई खर्चो के पैसे मांगने शुरु कर दिए थे। कंपनी मालिक विश्वास के चलते उनके खाते में पैसों को ट्रांसफर करता रहा, लेकिन थोड़े दिन बाद उन्होंने उसे ठगना शुरु कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को लाखों रुपये नकद कैश भी दिए। ट्रेंडर खत्म होने के बाद दिसंबर 2022 में जब आरोपियों से हिसाब मांगा गया तो उन्होंने आना-कानी करनी शुरु कर दी।

टेंडर मालिक के पास टेंडर खत्म होने के बाद लोगों के आने लगे फोन

शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि आरोपी बाप-बेटे झूठे लारे लगाने लगे थे। वहीं टेंडर खत्म होने के बाद जिन लोगों ने काम किया था उनका फोन उसका पास आने लगा। जबकि टेंडर मालिक ने आरोपियों के कहने पर सारा पैसा उनको दे दिया था। पीड़ित ने बताया कि उसके पास एक फोन आया था जिसमें उसे धमकी दी गई थी कि उसके टेंडर के कुछ जरुरी कागजात उनके पास है।

हिसाब करने पर सामने आई आरोपियों की हेराफेरी

शिकायतकर्ता का कहना है जब उसने आरोपियों से हिसाब मांगा तो उन्होंने हिसाब देने से मना कर दिया। जब उन्होंने खुद हिसाब लगाया तो उसमे आरोपियों द्वारा दो करोड 65 लाख रुपये का गबन निकला। जिसपर आरोपियों ने अपनी गलती मानते हुए पंचायती तौर पर 55 लाख रुपये या ढाई एकड़ जमीन उनके नाम करने को कहा था।

जिसके बाद पंचायती तौर पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, लेकिन आरोपियों ने अभी तक पैसे नही लोटाएं है और ना ही जमीन उसके नाम करवाई। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 406,420, 506 और 120 बी के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है।