औद्योगिक क्षेत्र में अब तक पिछड़े जींद जिले को विकास के पंख लगने वाले हैं। वीरवार को विधायक और मुख्यमंत्री के बीच हुई वीडियो कॉफ्रेंस में यह बात उठी। सरकार की ओर से जींद-नरवाना नेशनल हाईवे पर लगती खटकड़ गांव की जमीन में पदमा योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 740 एकड़ जमीन मांगी गई है।
जींद में युवाओं के लिए खुशखबरी है। जिले में पद्मा योजना के तहत बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। जिससे जिले का नक्शा ही बदल जाएगा। इन औद्योगिक इकाइयों में जिले के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
डिप्टी सीएम का क्षेत्र है खटकड़
खटकड़ गांव नेशनल हाईवे के साथ लगता है। इसके अलावा यह उचाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां से उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला विधायक हैं। रेलवे जंक्शन की दूरी भी बहुत कम होने के कारण औद्योगिक इकाइयों के लिए खटकड़ गांव को चुना गया है। खटकड़ गांव जींद-पटियाला नेशनल हाइवे-352 पर स्थित है। इसलिए यहां परिवहन की कोई समस्या नहीं होगी। इसके अलावा जींद जंक्शन से खटकड़ गांव दस किलोमीटर दूर है। इसलिए यहां पर रेल की भी पूरी सुविधा मिलेगी।
प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने 23 फरवरी 2022 को महत्वाकांक्षी योजना प्रोग्राम टू एक्सलरेट डेवलपमेंट फॉर एमएसएमई एडवांसमेंट (पदमा) योजना लांच की थी। इसके तहत प्रदेशभर में चार हजार नई सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों इकाइयां खोली जानी हैं। इन औद्योगिक इकाइयों से प्रदेश में बेरोजगार को कम करने का लक्ष्य है। इसके अलावा लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने हैं।
छोटे उद्योगों के लिए बनाए जाएंगे मिनी क्लस्टर
पद्मा योजना के तहत छोटे उद्योगों के लिए मिनी क्लस्टर बनाए जाएंगे। इन औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत नौकरी देने के आरक्षण कानून के तहत रोजगार दिए जाएंगे। इन औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देना भी है।
चार प्रकार के उद्योगों का हब बनेगा जिला
प्रदेश भर में सरकार ने अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों के लिए अलग-अलग प्रकार के उत्पाद तय किए हैं। यह औद्योगिक इकाइयां उस क्षेत्र की जरूरत तथा वहां मिलने वाले कच्चे माल के आधार पर लगेंगी। जींद में खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ, चमड़ा, लकड़ी और कागज, इंजीनियरिंग, धातु उत्पाद और मशीनरी तथा कपड़ा और परिधान के उद्योग लगेंगे।
740 एकड़ में लागू होगी पदमा-1 और पदमा-2
राज्य सरकार से खटकड़ गांव में पदमा-1 के तहत 360 तथा पदमा-2 के तहत 380 एकड़ जमीन की मांग की है। खटकड़ गांव का जो भी किसान अपनी भूमि बेचना चाहता है, वह ई-पोर्टल के तहत आवेदन कर सकता है।
कपास की खेती कपड़ा उद्योग को मिल सकती है रफ्तार
उचाना विधानसभा क्षेत्र कपास की खेती से लिए जाना जाता है। इसलिए यहां कपड़ा और अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो सकता है। यहां पर पीने का पानी भी पूरे जिले में बेहतर है। यह भी औद्योगिक क्षेत्र को काफी राहत देगा।

