हरियाणा के जींद में पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस ने नोट दोगुना करने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को काबू किया है। गैंग में शामिल नकली इंस्पेक्टर समेत 6 आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने सभी पर अपना शिकंजा कस लिया है।
पुलिस ने इनसे 100-100 के नोटों की 25 गड्डी और दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं। पकड़े गए चार आरोपी कैथल जिले के और दो आरोपी जींद जिले के हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे देते थे झांसा
गैंग के 3 आरोपी लोगों को नोट दोगुने करने का झांसा देकर अपने पास लाते। फिर नकली इंस्पेक्टर और उसके दो फर्जी पुलिस वाले साथी रेड कर देते। जिसके बाद लोगों का पैसा हड़प लिया जाता। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कैथल जिले के तितरम निवासी बलविंद्र उर्फ बिंदर, राजीव उर्फ बंटी, दीपक, निर्जन गांव निवासी हरिदास, जींद के जोगेंद्र नगर निवासी रमन और कैथल के धनौरी रोड निवासी अनिल के रूप में हुई है।
पुलिस की नकली वर्दी में किया आरोपियों को काबू
पुलिस को सूचना मिली थी कि सफीदों रोड पर फ्लाईओवर के पास पांच-छह व्यक्ति खड़े हैं, जिनमें तीन लोग पुलिस की वर्दी पहने हुए हैं। बाकी एक ऑल्टो गाड़ी में बैठे हैं। ये लोग आने-जाने वाले लोगों को रुपए दोगुना करने का झांसा देकर ठगने की फिराक में है। इस पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उनसे पूछताछ की और आरोपियों का पता लगाया।
आरोपियों के पास से बरामद हुई नकली नोटों की गड्डी
इसके बाद ऑल्टो में सवार लोगों से पूछताछ की तो उनकी पहचान अनिल पुत्र पृथ्वी निवासी राजौंद हाला आबाद कैथल, दीपक पुत्र रमेश निवासी तितरम और रमन पुत्र बलबीर सिंह निवासी जोगेंद्र नगर जींद के रूप में हुई। गाड़ी की तलाशी ली गई तो इसमें 100-100 के नोटों की 25 गड्डी बरामद हुई।
इनमें चेक किया गया तो गड्डी में ऊपर तथा नीचे असली 100 का नोट लगा हुआ था बीच में नोट के साइड के कार्डनुमा कागज फंसाए हुए थे। गाड़ी में दो नकली नंबर प्लेट भी बरामद हुई। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह राहगीरों को नोट दोगुना करने का झांसा देकर ठगने का प्लान बना रहे थे।
ऐसे करते थे लोगों से ठगी करने का प्लान
बाईपास पर पुलिस की वर्दी में तीन आरोपी एक साइड में गाड़ी में बैठे होते हैं जबकि तीन आरोपी आने-जाने वाले लोगों को नोट दोगुना करने का झांसा देने के लिए नोटों की गड्डी दिखाकर ललचाते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक नोट दोगुना करवाने के लिए आता है तो तभी पुलिस की वर्दी पहने आरोपी बलविंद्र, राजीव और हरिदास मौके पर आ जाते हैं और पैसे लेकर आने वाले लोग पुलिस के डर से पैसे छोड़ भाग जाते हैं। इसके बाद योजना के अनुसार वह पैसों को आपस में बांट लेते हैं।

