जींद में रोडवेज कर्मचारीयों ने सांझा मोर्चा के आह्वान पर राज्य प्रधान आजाद गिल के नेतृत्व में बस अड्डे पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद रोडवेज के प्रधान सचिव का पुतला जलाकर रोष प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि रोडवेज को पूंजीपतियों के हाथों में देने के रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। जिसे वे सफल नहीं होने देंगे। प्रदर्शन से पहले रोडवेजकर्मियों की बैठक डिपो प्रधान अनिल गौतम, सुदर्शन लाठर, अनूप श्योकंद, पवन कुमार, ओमप्रकाश सोनी, कुलदीप मोर की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम का संचालन राज्य उपप्रधान संदीप रंगा ने किया।
सरकार करने जा रही 265 मार्गों पर असीमित परमिट देने की योजना लागू
विरोध प्रर्दशन के दौरान रंगा ने कहा कि 23 जून को परिवहन मंत्री की बैठक में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। प्रधान सचिव कर्मचारी विरोधी फरमान जारी कर रहे हैं। 2017 की सैकड़ों प्राइवेट परिवहन समितियों की बसें हाईकोर्ट की डबल बेंच में केस हारने के बाद भी बिना रोक-टोक के चल रही हैं। सरकार बिना किसी मांग के 265 मार्गों पर असीमित परमिट देने की योजना लागू करने जा रही हैं।
रोड़वेज को पूंजीपतियों के हाथों में देने की तैयारी
उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग को पूंजीपतियों के हाथों में देने के रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। हिसार और सोनीपत सहित कुछ महाप्रबंधक रोडवेज कर्मचारी नेताओं तथा कर्मचारियों को अपने निजी हित के लिए परेशान कर रहे हैं। हरियाणा कौशल विभाग के माध्यम से परिचालकों की भर्ती की जा रही है, जिसका सांझा मोर्चा विरोध करता हैं।
मांग की कि खाली पदों पर पक्की भर्ती की जाए। उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे दो अक्तूबर को रोहतक में सांझा मोर्चे की बैठक कर आगामी आंदोलन की घोषणा करेंगे। इस अवसर पर सुरेश, जितेंद्र, राजबीर, सुभाष, अनिल, रघबीर, सतपाल, रामबीर, बलकार, राजेश, अशोक, भूपेंद्र, नितीश, जयबीर मौजूद रहे।

