रोहतक के पंडित बीडी शर्मा PGI में डॉक्टरों ने एक अनोखी सर्जरी करके दिल में धंसे चाकू को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब एक हफ्ते पहले सोनीपत के युवक दिनेश पर हुए हमले में चाकू उनके फेफड़े को चीरता हुआ दिल में जा धंसा था। तीन घंटे की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक चाकू को बाहर निकालकर दिनेश की जान बचाई। अब मरीज खतरे से बाहर है और जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
सोनीपत के रहने वाले दिनेश 16 अक्टूबर को अपने हेल्पर के साथ झगड़े में बीच-बचाव करने गए थे, जब हमलावरों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू का हैंडल टूट गया और धारदार हिस्सा उनके फेफड़े को चीरते हुए दिल में जा फंसा। गंभीर हालत में उन्हें रोहतक पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया।
डॉक्टरों की टीम का अनोखा कारनामा
पंडित बीडी शर्मा पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. शमशेर लोहचब ने बताया कि मरीज को लाने के बाद सीटी स्कैन और एक्स-रे से पता चला कि चाकू का हिस्सा दिल में फंसा हुआ था। कार्डियो सर्जरी और एनेस्थीसिया की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चाकू को सुरक्षित बाहर निकाला। यह पीजीआईएमएस में अपनी तरह का पहला मामला था, जिसमें इतनी गंभीर चोट के बावजूद मरीज की जान बचाई जा सकी।
परिजनों ने डॉक्टरों को बताया भगवान का रूप
दिनेश की मां संतोष ने बताया कि उनके बेटे की जान बचने की उम्मीद न के बराबर थी, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी जिंदगी बचा ली। उन्होंने डॉक्टरों को भगवान का रूप कहा और उनकी प्रशंसा की।
डॉक्टरों की अपील
डॉ. शमशेर लोहचब ने जनता से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति के शरीर में कोई नुकीली वस्तु फंसी हो, तो उसे निकालने की कोशिश न करें और तुरंत अस्पताल ले जाएं। सही समय पर इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है।







