नीलोखेड़ी : एनएचएआई 44 करनाल और नीलोखेड़ी के बीच तरावड़ी का सर्विस लेन जो एक्सीडेंट लेन बन गई है। पिछले साल यहां पर आईटीआई की दो छात्राओं की मौत और आज सर्विस लेन के गढ़ों में भरे पानी से बाइक का संतुलन बिगड़ा और एक महिला के ऊपर से ट्रक गुजर गया और महिला की मौके पर मौत हो गई।
इस खबर के पीछे की पीड़ा, वेदना, प्रशासनिक लापरवाही और एनएचएआई की संवेदनहीनता सब कुछ साफ दिखाई देती है पिछले कई सालों से तरावड़ी सर्विस लेन को दुरुस्त करने के प्रयास जारी है। एनएचएआई के अधिकारियों जिले के डीसी और न जाने कहां-कहां पर लोग दरखास्त लगा चुके हैं, लेकिन सिस्टम ऐसा की आम आदमी की सुनवाई के लिए न समय है और न ही किसी के पास इतने संसाधन की आम आदमी की पीड़ा को सुना जा सके।

प्रशासनिक लापरवाही, बारिश के खड़े पानी में नहीं दिखाई दिया गड्ढा
सड़क के गड्ढे के पास गिरी मोटरसाइकिल और गड्ढे में भरे पानी में पड़ा महिला का शव काफी है। प्रशासनिक लापरवाही और एनएचएआई की कार्यप्रणाली को दर्शाने के लिए हालांकि यह महिला अपने पति के साथ जा रही थी, लेकिन जैसे ही सर्विस लेन में बारिश के बाद पानी भरा गड्ढे का अंदाजा नहीं हुआ और बाइक गिर गई बाइक गिरते ही पीछे से आ रहे हैं। ट्रक का पहिया महिला के सिर पर चढ़ गया और वहीं मौके पर ही महिला की मौत हो गई। मृतक महिला इंद्री के गांव बुढ़नपुर बांगर की रहने वाली है।
बड़े-बड़े दावे, फिर भी हादसे
आखिर कब तक यूं ही होते रहेंगे हादसे और कब तक यूं ही जाती रहेंगे जाने। नितिन गडकरी बड़े-बड़े दावे करते हैं । 100 सालों तक उनके द्वारा बनाई गई सड़कों को याद करने की बात कहते हैं, लेकिन जिन घरों के लोग सड़क घटना में मारे गए वह भी लापरवाही भरे गड्ढों के कारण नितिन गडकरी को याद करेंगे।

