हरियाणा में करीब साढ़े 4 साल से बरकरार भाजपा-जजपा का गठबंधन आज टूट चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ राजभवन पहुंचकर अपने मंत्रिमंडल के साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि दोपहर 1 बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो आज मनोहर लाल खट्टर दोपहर 1:30 बजे फिर से हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। गठबंधन टूटने की वजह सीट शेयरिंग है। बताया जा रहा है कि जजपा हरियाणा में 1 से 2 लोकसभा सीटें मांग रही थी, जबकि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन सभी 10 सीटों पर खुद लड़ने के पक्ष में है। हालात को देखते हुए भाजपा ने पर्यवेक्षक के तौर पर अर्जुन मुंडा और तरुण चुघ को चंडीगढ़ भेजा है। राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद मुख्यमंत्री राज भवन से बाहर निकल गए हैं। अब वह सीएम आवास में रहेंगे। संभावना है कि वह वहीं केंद्र से पहुंचने वाले दोनों पर्यवेक्षकों के साथ मुलाकात करेंगे।

वहीं बात विधानसभा की करें तो हरियाणा में जजपा से गठबंधन टूट चुका है, लेकिन बहुमत भाजपा के ही पास है। हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं। जिसमें से भाजपा के पास खुद के 41 विधायक, 6 निर्दलीय और 1 हलोपा विधायक का समर्थन है। यानि भाजपा के पास 48 विधायकों का समर्थन हैं। बहुमत के लिए प्रदेश में 46 सीटों की आवश्कता है।

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री अनिल विज मनोहर लाल के साथ नजर आ रहे है। हरियाणा निवास से भी वह मनोहर लाल खट्टर के साथ ही उनकी गाड़ी में बैठकर गए। ऐसे में अनिल विज की भूमिका महत्वपूर्ण नजर आ रही है। वहीं माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को करनाल से लोकसभा चुनाव लड़वाया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस बार भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री के साथ-साथ दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसके लिए रणजीत सिंह चौटाला और एक निर्दलीय विधायक का नाम सामने आया है।

सूत्रों की मानें तो आदमपुर से भव्य बिश्नोई को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। बता दें कि जननायक जनपा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में सोमवार रात और फिर मंगलवार सुबह 11 बजे इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। इसमें सभी मंत्री-विधायक और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक शामिल हुए। उधर दुष्यंत चौटाला भी दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने अमित शाह से मिलने का समय मांगा है।