Haryana News : हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (जजपा) के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठबंधन टूटने के बाद जजपा को एक और जोर का झटका धीरे से लगने वाला है। प्रदेश में जजपा-भाजपा का गठबंधन टूटने के बाद जजपा कोटे से नियुक्त हुए लॉ ऑफिसर्स से इस्तीफा मांग लिया गया है। हरियाणा एजी कार्यालय के सूत्रों की मानें तो जजपा कोटे से सूबे में अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता और सहायक महाविधक्ता सहित विभिन्न पदों पर 19 लॉ ऑफिसर्स तैनात हैं। इनमें से 5 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 7 उप महाधिवक्ता और 7 सहायक महाधिवक्ता के पद पर तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि प्रदेश में जजपा-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद हरियाणा के एजी कार्यालय की ओर से जजपा कोटे के सभी लॉ ऑफिसर्स को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद अब तक 19 लॉ ऑफिसर्स में से 8 ने अपना इस्तीफा एजी कार्यालय को भेज दिया है, जबकि 11 लॉ ऑफिसर्स ऐसे हैं, जिन्होंने अपना इस्तीफा अभी तक नहीं दिया है। एजी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार 11 शेष बचे लॉ ऑफिसर्स के इस्तीफे अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद है। हालांकि 19 के अलावा 4 अन्य लॉ ऑफिसर्स भी हैं, जिन्हें इस्तीफे के लिए नहीं कहा गया है।

माना जा रहा है कि कुछ लॉ ऑफिसर्स एडजस्ट होने का भी तरीका ढूंढते नजर आ रहे हैं। हालांकि इस्तीफे की जद में आए कुछ लॉ ऑफिसर्स ने नोटिस मिलने के तुरंत बाद ही अपना इस्तीफा एजी कार्यालय को भेज दिया था। वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो खुद को एडजस्ट करने के जुगाड़ में लगे हुए हैं। इसके लिए चंडीगढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिवालय के कुछ बड़े ऑफिसर्स के जरिए लॉबिंग की जा रही है। कुछ ऑफिसर्स पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खेमे के बड़े चेहरों से भी अपनी सिफारिश लगवा रहे हैं। गौरतलब है कि हरियाणा में भाजपा और जजपा ने करीब साढ़े 4 साल मिलकर सरकार चलाई। गत 12 मार्च को दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की दीवार टूट चुकी है। ऐसे में दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव के चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमाती दिख रही हैं।
इससे पहले प्रदेश के सियासी उलटफेर के बीच उसी दिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्यपाल से मिलकर कैबिनेट का इस्तीफा सौंप दिया था। मनोहर लाल का इस्तीफा मंजूर होने के बाद नायब सिंह सैनी को प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं, उसी दिन शाम तक नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 5 कैबिनेट मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण समारोह अपने पद की शपथ ली थी। वहीं इस हलचल के बीच जजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।

