प्रॉपर्टी आईडी सर्वे घोटाले में नया खुलासा सामने आया है। जिसमें बड़े-बड़े मंत्रियों के साथ अधिकारी भी शामिल है। अधिकारियों द्वारा प्रॉपर्टी आईडी सर्वे की फर्जी वेरिफिकेशन रिपोर्ट जारी कर याशी कम्पनी को 60 करोड़ की पेमेंट की गई। इस पूरे मामले में 89 अधिकारियों के खिलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई गई है। जिनमें 12 आईएएस अधिकारी शामिल हैं।
प्रॉपर्टी आईडी सर्वे को बताया बड़ा घोटाला जानिए क्या है मांग
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने खट्टर सरकार द्वारा सभी 88 शहरों में करवाए गए प्रॉपर्टी आईडी सर्वे को बड़ा घोटाला बताते हुए शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता, शहरी निकाय विभाग के तत्कालीन निदेशक सहित 88 अधिकारियों के खिलाफ़ लोकायुक्त कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है । इन अधिकारियों में 12 आईएएस भी शामिल हैं । शिकायत में घोटाले की जांच सीबीआई से करवा कर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने, सर्वे करने वाली याशी कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने और भुगतान की गई 60 करोड़ की पेमेंट ब्याज़ सहित वसूल करने की मांग की है।
सरकार पर लगाया घोटाले का आरोप
लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को आरटीआई दस्तावेज़ों और शपथ पत्र सहित दी शिकायत में कपूर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अंतर्गत सभी 88 शहरों में करवाए गए प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में बड़ा घोटाला प्रदेश सरकार के संरक्षण में किया गया है । इस सर्वे में 95 पर्सेंट तक गलतियां होने के बावजूद कॉन्ट्रैक्टर फर्म याशी कम्पनी को 60 करोड़ की पेमेंट फर्जी वेरिफिकेशन के आधार पर कर दी। सभी कुल 42.50 लाख संपत्तियों के मालिक इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए दलालों के हाथों लुट रहे हैं और धक्के खा रहे हैं। कहीं कोई सुनने वाला नहीं।

