नूंह और गुरूग्राम में हुई हिंसा की घटनाओं के बारे में अवगत करवाने के लिए वीरवार को इनेलो ने पत्र लिखकर हरियाणा के राज्यपाल महामहिम बंडारू दत्तात्रेय से मिलने का समय मांगा है।
इनेलो की तरफ से इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के उप-कुलपति रहे सेवानिवृत आईएएस आर.एस.चौधरी, इनेलो की प्रचार कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी सेवानिवृत आईपीएस एम.एस.मलिक, इनेलो के युवा विंग के प्रभारी करण सिंह चौटाला, इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता डा. सतबीर सैनी समेत आठ सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल महामहिम राज्यपाल से मिलेगा।
हाथ पर हाथ धरे बैठी सरकार
महामहिम राज्यपाल से मुलाकात करने का उद्देश्य प्रदेश में हो रही हिंसक घटनाओं और दंगों के संबंध में सच्चाई से अवगत करवाना है। 2014 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के एक महीने बाद ही सतलोग आश्रम के प्रमुख को हिरासत में लेने के लिए हुई हिंसा में छ लोग मारे गए थे। 2016 में आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे लोगों में से अलग-अलग जिलों में 30 लोगों को गोलियों से भून दिया गया।
2017 में पंचकूला में सिरसा डेरा के 36 अनुयायियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 2021 में करनाल में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज से एक किसान की मौत हो गई थी और अब नूंह में हुए दंगों में दो होमगार्ड जवानों समेत छ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, सैकड़ों लोग घायल हो गए। हजारों करोड़ रूपए की संपत्ति बर्बाद कर दी गई। उसके बाद भी हरियाणा की सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
उच्च न्यायालय से जांच करवाए जाने की रखेगा मांग
हरियाणा के डीजीपी बयान दे रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिस दिन एक आदमी जिसका भडक़ाऊ विडियो वायरल हुआ, उसके अगले ही दिन नूंह का एसपी छुट्टी पर चला जाता है। मुख्यमंत्री गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।
जिसमें वो कहते हैं कि हरियाणा की ढाई करोड़ की आबादी है और पुलिस एक-एक आदमी की सुरक्षा नहीं कर सकती। ये सारे रहस्यमय कारण हैं, जिनको इनेलो का प्रतिनिधि मंडल महामहिम राज्यपाल के सामने रखेगा और साथ ही पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय से करवाए जाने की मांग करेगा।

