चंडीगढ़ : हरियाणा के कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री कंवर पाल ने किसान हितो को सर्वोपरि रखते हुए पिछले वर्ष की भांति रबी विपणन मौसम(Rabi marketing season) 2024-25 के दौरान सरसों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने बारे सम्बन्धित विभाग व एजेसियों(Agencies) को निर्देश दिए है।
इस संबंध में उन्होनें बताया कि भारत सरकार से मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत 3.25 लाख मीट्रीक टन सरसों खरीद की अनुमति प्राप्त हुई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। सरसों की खरीद हैफेड एवम् हरियाणा राज्य भण्डारण निगम द्वारा की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 107 मण्डियों को अधिसूचित किया है। सरसों की खरीद राज्य में हैफेड व हरियाणा राज्य भण्डारण निगम द्वारा 26 मार्च 2024 से न्यूनतम समर्थन मूल्य रू 5650 प्रति क्विटल पर शुरू कर दी है, जो कि 1 मई 2024 तक जारी रहेगी तथा अभी तक 173 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है।

उन्होनें बताया कि किसानों की सुविधा एवं सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत सरसों की खरीद चरणबद्ध तरीके से की जा रही है और इस उद्देश्य के लिए, ग्रामवार किसानवार खरीद कार्याक्रम तैयार करनें बारे खरीद एजेंसियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए है और पंजीकृत किसानों को एसएमएस के माध्यम से अवगत भी कराया जा रहा है। इसी प्रकार चनें की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूल्य समर्थन योजना के तहत सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रकार के प्रबन्ध कर लिए गए है। चनें की खरीद 1 अप्रैल 2024 सें राज्य की 11 अधिसूचित मण्डियों में 10 मई 2024 तक की जाएगी। किसानों की मांगनुसार मण्डीयों को बढाया भी जा सकता है।

59 लाख एकड़ क्षेत्र में बोया गेहूं
कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि विपणन मौसम 2024-25 के दौरान राज्य में लगभग 59 लाख एकड़ क्षेत्र में गेहूं बोया गया है। जिससे 112 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है। उन्होनें बताया कि राज्य सरकार ने गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य रूपये 2275 प्रति क्विटल पर करने के लिए व्यापक प्रबंध करतें हुए 417 मंडिया अधिसूचित कर दी है।

सरकार ने किसानों के हितों के लिए किया कार्य
गेहूं की खरीद 1 अप्रैल 2024 से 15 मई 2024 तक की जाएगी, पिछले वर्ष 63.17 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी।कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों के लिए कार्य कर रही है और किसान कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई है जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।


