पानीपत जिले में बिजली निगम के अधिकारी एक्सईएन, एसडीओ और जेई पर गैर इरादतन हत्या का मामला सामने आया है। जिस पर तेजी से जांच की जा रही हैं।
बता दें कि 23 फरवरी को गांव सिठाना में रविदास जयंती के अवसर पर निकाली जा रही पालकी यात्रा में एक हादसा हो गया। यहां गली से गुजर रही 11 हजार हाईवोल्टेज तार काफी नीचे लटकी हुई थी। लोगों ने इस बारे में कई बार शिकायतें दर्ज की थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। एसडीओ ने इस संबंध में कहा कि तारें 11 फीट नहीं, बल्कि 16 फीट ऊंची थीं और इसके लिए उन्होंने तारों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

हादसे के बाद बिजली निगम के कर्मचारियों की लापरवाही को छिपाने के लिए उन्होंने तारों की ऊंचाई को बढ़ा दिया। इसके बाद भी गांव वालों ने एसडीओ को कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
काफी नीचे लटकी हुई थी तारें
हादसा गांव सिठाना में रविदास जयंती के अवसर पर हुआ था, जब लोग पालकी यात्रा के लिए इकट्ठे हो रहे थे। पालकी निकालते समय एक व्यक्ति तारों से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई और दो अन्य व्यक्तियों को भी घायल हो गया। गांव वालों ने कई बार मुद्दे पर एसडीओ और जेई को शिकायत की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बिजली निगम के नियमों के अनुसार, तारों की ऊंचाई 22 से 25 फीट होनी चाहिए थी, लेकिन यहां तारे काफी नीचे लटकी हुई थीं।

लोगों की शिकायतें की गई नजरअंदाज
मामले में लोगों का कहना है कि बिजली निगम के कर्मचारियों ने किसी की नहीं सुनी और लापरवाही की गई। इसके बाद भी सुनवाई की प्रक्रिया में देरी होने से लोगों का नाराजगी बढ़ी। हादसे के बाद बिजली निगम के कर्मचारियों ने तारों की ऊंचाई को बढ़ा दिया है, लेकिन इससे पहले लोगों की शिकायतें नजर अंदाज की गई थीं।