पानीपत, (आशु ठाकुर) : मानवता जनशक्ति फाउंडेशन के संस्थापक हरदीप राणा व उनकी टीम ने पानीपत स्थित वृद्धा आश्रम में रह रहे बुजुर्गो के साथ कुछ समय व्यतीत किया और उनसे बातचीत कर उनके दुख-सुख को सांझा किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जमकर विचार-विमर्श किया। इस दौरान हरदीप राणा ने कहा कि बुजुर्ग हमारे घर की अहम कड़ी है, जो परिवार को एक सूत्र में बांधे रखते है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी समृद्ध परम्परा है। हमारे संस्कार में माता-पिता, गुरु व बुजुर्ग को देवताओं की श्रेणी दी गई है।
हमें बुजुगों की देखभाल करनी चाहिए, क्योंकि जब ये बीमार हो जाते है, तो उस समय उन्हें हमारी बहुत जरूरत होती है। ऐसे मुश्किल समय में यदि हम अपने बुजुर्गो की देखभाल नहीं करेंगे तो आने वाली हमारी नौजवान पीढ़ी भी हमें भूल जाएगी और जो संस्कार हमारे बुजुर्गो ने हमें दिए है, वो भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे, इसलिए हम सभी का कर्तव्य बनता है कि हम अपनी नौजवान पीढ़ी को संस्कार के महत्व बारे बताएं और बुजुर्गो की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहे। बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही हमें मनचाही मंजिल मिल सकती है, क्योंकि उनके ही चरणों में जन्नत होती है।
बुजुर्ग हमारी जड़
उन्होंने कहा कि फूल कितने भी खूबसूरत क्यों न हो यदि जड़ों से अलग हो जाए तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाता हैं। बुजुर्ग हमारी जड़ हैं। इनके सम्मान एवं आशीर्वाद से हमारी संस्कृति का विकास हो सकता है। इस मौके पर कृष्ण कुमार(मुरारी), मानवता जनशक्ति फाउंडेशन संस्थापक हरदीप राणा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरु डिमरी, एडवोकेट आनन्द दहिया, कृष्ण सरोय, वन्दना नागपाल, रोमा रानी,सतीश, एडवोकेट मोहित देशवाल सहित बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी मौजूद रहे।

