विदेशों से रिश्तेदार या जानकार बनकर कर रहें ठगी, रहे सावधान

पानीपत

पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि आजकल साइबर ठग ठगी करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि आजकल बहुत से बच्चे विदेशों में पढ़ाई के सिलसिले में गए हुए हैं। साइबर ठग इसी चीज का फायदा उठाते हुए विदेशों से कॉल करते हैं और कहते हैं कि आपके रिश्तेदार या आपके बच्चे का झगड़ा हो गया है और उस झगड़े में समझौता कराने के लिए पैसे देने पड़ेंगे।

इसके अतिरिक्त साइबर ठग आपको यह भी कहते हैं कि आपके रिश्तेदार या आपके बच्चे का एक्सीडेंट हो गया है। उसको पुलिस ने पकड़ लिया है, उसको बचाने के लिए पैसे देने पड़ेंगे। या कहते हैं कि आपके बच्चे को किसी केस में पुलिस ने पकड़ लिया है। जिसकी एवज में वह आपसे पैसों की डिमांड करते हैं।

विदेश से रिश्तेदार बनकर करते है कॉल

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हम अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए बिना सोचे समझे ही उनको पैसे भेज देते हैं और बाद में हमें पता चलता है कि हमारे साथ तो ठगी हुई है। विदेश से कोई आपका रिश्तेदार बनकर आपको कॉल करता है कि उसने आपके खाते में पैसे डाले हैं। वह पैसे आप से भारत में कोई एजेंट ले लेगा। साइबर ठग डाले हुए पैसों की नकली रसीद भी आपको व्हाट्सएप पर भेजता है।

जिला पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि इस तरह के ठगो से सावधान रहें। यदि इस तरह की कोई फोन कॉल आपके पास आती है, तो पहले अच्छी तरह इसकी जांच कर ले, उसके बाद ही अगला कदम उठाएं। हमें सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। साईबर अपराधी अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।

जागरूकता से ही बच सकते है अपराधियों के चंगुल से

उन्होंने कहा कि आमजन जागरुकता से ही साईबर अपराधियों के चंगुल में आने से बच सकते हैं। इसके बावजूद साईबर क्राइम का शिकार होते हैं, तो तुरंत भारत सरकार द्वारा जारी साईबर क्राइम हैल्प लाईन नंबर 1930 पर काल करें। उन्होंने बताया कि साथ ही साईबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साईबर क्राईम रिपोर्टिंग पोर्टल पर या साइबर क्राइम थाना या नजदीकी थाना-चौंकी में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।