पानीपत : एचएसवीपी(HSVP) की कमर्शियल साइट को एचएसआईडीसी(HSIDC) द्वारा फरवरी 2019 में ई-ऑक्शन में अलाट किए गए प्लॉट नंबर 112 एबी और 49डी जिन में 10-12 लोगों द्वारा ऑनलाइन अप्लाई किया गया था, लेकिन तत्कालीन एमडी नरहरि बांगड़ द्वारा अपने चहेतों सेक्टर 12 वासी के साथ मिलीभगत करके सभी बोली दाताओं को शांत करके कमर्शियल साइट पर इंडस्ट्रियल प्लांटों को बेस प्राइस पर लगभग 20 हजार रुपए गज में एलॉट करवा दिया गया। जबकि वहां लगभग सवा लाख से डेढ़ लाख रुपए का रेट है। जिससे सरकार के साथ 35 से 40 करोड रुपए का घोटाला किया गया है।
इस बारे में शिकायतकर्ता जोगेंद्र स्वामी ने बताया कि यह जगह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कमर्शियल साइट है। जिसका हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा नक्शा भी स्वीकृत किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि दीपक गुप्ता और राजेंद्र जैन एचएसआईडीसी के तत्कालीन एमडी नरहरि सिंह बांगड़ के साथ मिलीभगत करके इस जगह को एचएसआईडीसी की गलत तरीके से ई-ऑक्शन में दिखाकर 10-12 लोगों द्वारा अप्लाई करवा कर उनसे विड्रॉ करवा दिया गया और उसके बाद इस कीमती जमीन को बहुत ही मामूली बेस प्राइस पर हजारों गज जमीन को अलाट करवाकर सरकार के साथ करोड़ों का घोटाला किया।

उन्होंने बताया कि इस बारे में उनके द्वारा मुख्य सचिव हरियाणा, मुख्य प्रशासक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, महानिदेशक एचएसआईआईडीसी और मुख्य महानिदेशक एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखित में शिकायत देकर इस भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और अलाटियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवा कर तत्काल प्रभाव से इस अलॉटमेंट को रद्द करने की मांग की है।







