Haryana बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल के खिलाफ कथित गैंगरेप मामले में सोलन की सेशन कोर्ट में आज सुनवाई होनी थी, लेकिन पीड़िता की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। इसके चलते अदालत ने अब अगली सुनवाई 17 जून के लिए निर्धारित की है।
क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती, पीड़िता ने लगाया प्रभावशाली रसूख का आरोप
पीड़िता ने पुलिस द्वारा दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी है, जिसे इससे पहले 12 मार्च को कसौली कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पक्ष ने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित किया, और पुलिस ने ठोस साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बरती।
घटना और एफआईआर में समय का अंतर जांच में बना बाधा
एफआईआर 13 दिसंबर 2024 को दर्ज की गई थी, जबकि कथित घटना 23 जुलाई 2024 की बताई जा रही है। पीड़िता के मुताबिक, वह अपनी सहेली और बॉस अमित बिंदल के साथ कसौली स्थित होटल रोज कॉमन में गई थी, जहां उसे शराब पिलाकर गैंगरेप किया गया और बाद में झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई।
पुलिस को नहीं मिले पुख्ता सबूत
जांच के दौरान कसौली पुलिस को न तो मेडिकल रिपोर्ट, न सीसीटीवी फुटेज, और न ही कोई अन्य भौतिक साक्ष्य मिले। पीड़िता ने खुद मेडिकल जांच करवाने से इनकार कर दिया था। होटल स्टाफ भी घटना की पुष्टि नहीं कर पाया। इन कारणों से पुलिस ने केस में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी।
हनी ट्रैप का पलटवार, एआई वीडियो से ब्लैकमेल का आरोप
इस बीच रॉकी मित्तल ने 6 फरवरी को पंचकूला में पीड़िता, उसकी सहेली और अमित बिंदल के खिलाफ हनी ट्रैप का केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि AI तकनीक से नकली वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई।
क्या फिर से खुलेगी जांच? अगली सुनवाई अहम
अब कोर्ट को यह तय करना है कि क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या दोबारा जांच शुरू हो। अगली सुनवाई में इस मामले की दिशा तय हो सकती है। यह मामला अब राजनीति, न्याय प्रक्रिया और डिजिटल ब्लैकमेल जैसे संवेदनशील पहलुओं से जुड़ गया है, जिसने प्रशासन और आम जनमानस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।





