सोनीपत नगर निगम में सभी पार्षद एकजुट होकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्षदों ने नगर निगम के खिलाफ ग्यारवें दिन भी जमकर प्रदर्शन किया है और धरने को समर्थन करने के लिए कांग्रेस के विधायक के सुरेंद्र पवार पहुंचे। विधायक सुरेंद्र पवार ने प्रशासन की लापरवाही बताई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री से लापरवाह अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
नगर निगम के कमिश्नर विश्राम सिंह मीणा का कहना है कि प्रदेश की सरकार ने नगर निगम को 50 लख रुपए तक के खर्च करने की लिमिट दी हुई है। 50 लाख से ऊपर 10 करोड रुपए तक के कार्य करवाने के लिए फाइनेंशियल कॉन्ट्रैक्ट सैंक्शन करती है। यह कमेटी जून में गठित की गई है। वही हाउस की दूसरी बैठक में 40 करोड रुपए के कामों को स्वीकृति दी गई है। वहीं धरने पर बैठे हुए डिप्टी मेयर मनजीत सिंह खुद कमेटी के मेंबर हैं।
नगर दर्शन पोर्टल को रेगुलरमॉनिटर भी किया जाता है
कमिश्नर का यह भी कहना है कि डिप्टी मेयर ने कभी भी मिलकर कोई भी काम को लेकर बातचीत नहीं की है। वही नगर दर्शन पोर्टल को रेगुलरमॉनिटर भी किया जाता है। वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि विकास कार्य को लेकर एक प्रक्रिया रहता है और उसी के तहत काम होता है। वही नगर निगम में बजट की भी कोई कमी नहीं है। कोई भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने कहा है कि सीएम फ्लाइंग की तरफ से जांच जांच आई थी, उसमें भी चेक करवा रहे है। वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि अगर इस प्रकार का कोई मामला है, तो पार्षद उनके संज्ञान में मामला ले और उसे जांच कमेटी का सदस्य भी उन्हें बनाया जाएगा।
विधायक ने की मुख्यमंत्री से कार्यवाही करवाने की मांग
विधायक सुरेंद्र ने भी आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिकारियों की लापरवाही है और किसी भी वार्ड में कोई काम नहीं हो पा रहा है। वही जनता की समस्याओं की समस्या लेकर आने पर पार्षदों की भी कोई सुनवाई नहीं होती है। वही सुरेंद्र पवार ने लापरवाह अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करवाने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है।
लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार
सोनीपत नगर निगम में पिछले 11 दिन से कमिश्नर कार्यालय के सामने बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद एकजुट होकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। नगर निगम के अंतर्गत आने वाले पार्षद और डिप्टी मेयर मंजीत का का कहना है कि नगर निगम में जनता की समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। बार-बार शिकायत देने के बाद भी विकास कार्यों में कोई सुधार नहीं हो रहा है। गो हत्या मामले को लेकर भी धरने पर बैठे हुए हैं। नगर निगम प्रशासन और अधिकारियों की लापरवाही है, लगातार भ्रष्टाचार सामने आ रहा है।

