सोनीपत प्रशासन का बड़ा कारनामा सामने आया है। प्रशासन ने बिना समाधान के ही कागजों में समस्या का निपटारा दिखाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने गरीबों के घरों में गंदा पानी घुस गया है। महिलाएंअपना घर छोड़कर ग्राम सचिवालय में रहने को मजबूर है।
जिला प्रशासन की लापरवाही गरीब लोगों का जीवन बना रही नरक
महात्मा गांधी आवास योजना में मिले हुए प्लॉट पर बनाए मकानों में रहने वाले गरीब लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामीण गांव की चौधर से लेकर प्रदेश के मुखिया तक अपनी दुःखभरी कहानी लिखित में दे चुके हैं। प्रशासन का कारनामा देखिए कि सीएम ग्रीवेंस में दी गई शिकायत का बगैर समाधान किए ही निपटारा दिखाया गया है। जिला प्रशासन को कई बार अर्जी लगाने के बाद भी जिला प्रशासन सरकार को गुमराह कर रहा है और सरकार की नीतियों को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहा है।
बुजुर्ग व्यक्ति 15 साल से जिला प्रशासन को दे रहा शिकायत
सोनीपत से सटा हुआ गांव ककरोई अपने बेमिसाल इतिहास के साथ जाना जाता है। लेकिन इस गांव के गरीब तबके के लोगों की समस्या सुनने वाला ना जिला प्रशासन है और ना ही सरकार तक बात पहुंचने दी जाती है। बुजुर्ग व्यक्ति पिछले 15 साल से जिला प्रशासन से इस बात के लिए बार-बार शिकायत दे रहा है कि महात्मा गांधी आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले घरों मैं हर साल गांव का गंदा पानी और बारिश का पानी एकत्रित हो जाता है और जिसके चलते गांव के लोगों को अपने घर खाली करने पड़ते हैं।
घरों में 5 से 6 फुट तक भर जाता है पानी
समस्याओं के बारे में सीएम विंडो से लेकर स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। गरीब लोग 15 साल से हर दरवाजे पर इसलिए अर्जी लगा रहे हैं कि हर साल मानसून के समय उनके मोहल्ले गली और घरों में 5 से 6 फुट पानी भर जाता है और जब घरों में पानी घुसना शुरू होता है तो अपना सामान उठाकर गांव की चौपाल या फिर ग्राम सचिवालय में पनाह लेने के लिए मजबूर होते हैं।