लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सोनीपत के छतेहरा गांव से कंवाली वाया गढ़ी बाला रोड पर 400 मीटर की रिटेनिंग वॉल और सड़क की मरम्मत के लिए 50 लाख का बजट तय किया गया था। शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिसंबर 2022 में इसका ठेका दिया गया। हाल ही में सामने आए मामले में दावा किया गया है कि दीवार बिना बने ही पेमेंट कर दी गई। अब दीवार की निर्माण की झूठी रिपोर्ट को छुपाने के लिए आनन-फानन में घटिया ईटों से दीवार खड़ी की गई है।

ग्रामीणों का बयान
गांव गढ़ी बाला के सरपंच प्रतिनिधि जयप्रकाश ने बताया कि पहले यहां कोई रिटेनिंग वॉल नहीं थी। दीवाली के आस-पास जब ग्रामीण वहां से गुजर रहे थे, तो देखा कि रात के अंधेरे में मजदूरों द्वारा दीवार का निर्माण किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान एनजीटी के आदेशों का भी उल्लंघन किया गया। जयप्रकाश के अनुसार, दीवार के निर्माण के लिए खेत की मिट्टी किसान रमेश की सिंघाड़े की फसल पर डाल दी गई, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ।

किसान रमेश ने बताया कि उनके खेत के किनारे 15 दिन पहले ही दीवार बनाई गई, और निर्माण के लिए खुदाई की गई मिट्टी उनकी फसल में डाल दी गई, जिससे सिंघाड़े की बेलें नष्ट हो गईं। रमेश ने कहा कि यह दीवार हाल ही में खड़ी की गई है, जबकि कागजों में यह काम सालों पहले पूरा दिखा दिया गया था।

जांच में फर्जीवाड़ा उजागर
नाबार्ड को तमन्ना गहलावत नामक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत में इस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। नाबार्ड के अधिकारियों ने सोनीपत PWD के एसई को जांच के आदेश दिए। जांच में पाया गया कि दीवार केवल कागजों में ही मौजूद थी, और मौके पर नींव की खुदाई के अलावा कोई दीवार नहीं मिली।

अब आनन-फानन में रिटेनिंग वॉल बनाने का काम शुरू किया गया, जिसमें घटिया गुणवत्ता की कच्ची ईंटों का इस्तेमाल किया गया और दीवार पर सीमेंट का प्लास्टर कर दिया गया ताकि खराब निर्माण छिप जाए।

सवालों में प्रशासन और ठेकेदार
अब जब दीवार बनाई गई है तो भ्रष्टाचार के कई सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी और ठेकेदार मिलकर न केवल 50 लाख की रकम हड़प गए, बल्कि दीवार में खराब मटीरियल का उपयोग भी किया गया।








