UP के दो सगे भाई, धीरज और तेजपाल, कलयुग के श्रवण कुमार की तरह अपनी मां को चार धाम की यात्रा पर लेकर निकले हैं। यह यात्रा उन्होंने 18 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश से शुरू की थी और अब तक वे यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन करवा चुके हैं। यात्रा के दौरान दोनों भाई अपनी मां को टोकरी में बिठाकर गोहाना तक लेकर पहुंचे हैं।
धीरज का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मां को तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाना नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करना और माता-पिता तथा गुरुजनों के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। दोनों भाई इस यात्रा के माध्यम से समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि जो लोग अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ देते हैं, वे प्रेरित हों और अपने माता-पिता की सेवा करें।

उन्होंने यह भी कहा कि त्रेतायुग में श्रवण कुमार ने अपनी मां को चार बड़े धामों की यात्रा करवाई थी और उन्होंने छोटे चार धामों की यात्रा कराने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही, वे अपनी मां को अयोध्या के राम मंदिर के दर्शन भी करवा रहे हैं। धीरज ने बताया कि 18 फरवरी से यात्रा शुरू करने के बाद वे लगातार अलग-अलग तीर्थ स्थलों का दौरा कर रहे हैं और यात्रा की समाप्ति की कोई निश्चित तिथि नहीं है।
दोनों भाइयों का यह प्रयास आधुनिक समाज में माता-पिता के प्रति कर्तव्य और दायित्व को समझाने के लिए है। यात्रा के दौरान हर जगह लोग इन भाइयों के समर्पण, सम्मान और जुनून को देखकर प्रभावित होते हैं।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की भी अपील
इसके अलावा, धीरज ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की अपील की है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ से यह आग्रह भी किया कि अगर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं दिया जा सकता, तो कम से कम राज्य माता का दर्जा दिया जाए।
यह यात्रा न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह समाज को यह सिखाने का प्रयास भी है कि माता-पिता की सेवा और सम्मान सबसे बड़ा कर्तव्य है।





