पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य आज शंभू बॉर्डर को खोलने की सुनवाई के लिए SC में पेश हुए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस नवाब सिंह के नेतृत्व में हाई पॉवर कमेटी की इंटरिम रिपोर्ट की समीक्षा की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि किसान कमेटी के विचारों को नजरअंदाज कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसान हाई पॉवर कमेटी के सामने अपनी बात रखें ताकि कोई समाधान निकाला जा सके। इसके साथ ही, कोर्ट ने किसानों से आंदोलन को स्थगित करने का आग्रह किया, विशेषकर ठंड के मौसम को देखते हुए।
हाई पॉवर कमेटी के समक्ष अपनी बात रखें- SC
एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसानों के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए हाई पॉवर कमेटी के समक्ष अपनी बात रखें। उन्होंने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उजल भूयन की खंडपीठ ने भी इस पर विचार करते हुए किसानों से आंदोलन को स्थगित करने का अनुरोध किया। वासु रंजन ने कोर्ट में शंभू बॉर्डर खोलने की मांग भी की, जिससे अंबाला का व्यापार प्रभावित हुआ है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, वासु रंजन शांडिल्य ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उजल भूयन की खंडपीठ से पंजाब और देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को तत्काल चिकित्सा सहायता देने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया और जगजीत सिंह डल्लेवाल को तुरंत पटियाला अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया।
17 दिसंबर को फिर से सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने कहा कि आगामी 17 दिसंबर, मंगलवार को इस मामले की फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हमेशा किसानों के अधिकारों की बात करता रहा है, लेकिन किसान हमेशा टकराव की नीति पर अड़े रहे हैं। वासु रंजन ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस और पंजाब किसानों के बीच स्थिति बिगड़ती जा रही है, मानो यह भारत-पाकिस्तान सीमा जैसी स्थिति बन गई है। ऐसा नहीं होना चाहिए। शांडिल्य ने कहा कि पुलिस और किसान एक ही देश के हैं, उनका एक ही परिवार का हिस्सा होना चाहिए।
डल्लेवाल की नाजुक स्थिति पर व्यक्त की चिंता
एडवोकेट वासु रंजन ने आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद किसानों से अपील की कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी पर विश्वास रखें और अपना आंदोलन स्थगित करें। सुप्रीम कोर्ट ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की नाजुक स्थिति पर चिंता व्यक्त की, यह टिप्पणी जीवन की अनमोलता को दर्शाती है। वासु रंजन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वे उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील हैं और उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्याओं का उचित समाधान होगा। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए।
किसानों से किया आग्रह
वासु रंजन ने किसानों से आग्रह किया कि वे सरकार से टकराव की स्थिति को छोड़ें और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के समक्ष अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि किसानों को कानूनी रास्ते का पालन करना चाहिए और संविधान तथा कानून के विपरीत कार्यवाही से बचना चाहिए।
रंजन शांडिल्य ने 12 दिसंबर को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर केंद्र और पंजाब सरकार को पार्टी बनाकर जगजीत सिंह डल्लेवाल को तुरंत चिकित्सा सुविधा देने की मांग की थी ताकि किसानों के नेता की जान के नुकसान से पंजाब और देश की शांति भंग न हो सके। आज सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया।