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क्या आप भी करवटें बदलते रहते हैं? जानिए क्यों नहीं आती नींद और क्या है समाधान

Health

➤दुनिया में हर 3 में से 1 व्यक्ति और भारत में हर 4 में से 1 व्यक्ति को नींद न आने की समस्या (इंसोम्निया)
➤तनाव, स्क्रीन टाइम, कैफीन, मानसिक समस्याएं और अनियमित रूटीन जैसी आदतें बड़ी वजह
➤सही आदतें और तकनीक अपनाकर 15 मिनट में नींद लाने के उपाय

आजकल बहुत से लोग रात को करवटें बदलते रहते हैं, दिमाग भागता रहता है और नींद नहीं आती। यह समस्या इंसोम्निया यानी नींद न आने की बीमारी हो सकती है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन के अनुसार, दुनिया में लगभग हर 3 में से 1 व्यक्ति को इंसोम्निया के लक्षण महसूस होते हैं। इनमें से 10% लोगों में यह क्रॉनिक हो जाता है। भारत में तो हर 4 में से 1 व्यक्ति इसकी समस्या झेल रहा है।

अच्छी नींद की परिभाषा क्या है?
नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक, अगर आप बिस्तर पर जाने के 30 मिनट के भीतर सो जाते हैं और रात में 5 मिनट से ज्यादा नींद नहीं खुलती तो यह सामान्य है। अगर ऐसा नहीं है, तो दिक्कत हो सकती है।

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इंसोम्निया के मुख्य कारण

इंसोम्निया कई वजहों से हो सकता है—मानसिक, शारीरिक और आदतों से जुड़ा। प्रमुख कारण:

  • तनाव और चिंता: काम, रिश्तों या पैसों की चिंता से कोर्टिसोल बढ़ता है, नींद डिस्टर्ब होती है।
  • स्क्रीन टाइम ज्यादा होना: मोबाइल, टीवी की ब्लू लाइट मेलाटॉनिन हॉर्मोन को प्रभावित करती है।
  • कैफीन और निकोटिन का सेवन: कॉफी, चाय, सिगरेट से नर्वस सिस्टम एक्टिव रहता है।
  • अनियमित सोने-जागने का समय: स्लीप साइकल बिगड़ जाती है।
  • डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं: दिमाग की केमिस्ट्री बदल जाती है।
  • खराब खानपान: देर रात भारी भोजन से एसिडिटी होती है।
  • गलत समय पर एक्सरसाइज: देर रात वर्कआउट से एड्रेनालिन बढ़ता है।
  • अत्यधिक रोशनी या अंधेरा: दिमाग को सही संकेत नहीं मिलते।
  • नींद से जुड़ी बीमारियां: स्लीप एप्नीया, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम।
  • दवाइयों का असर: कुछ दवाएं नींद पर असर डालती हैं।

नींद लाने के आसान उपाय

डॉ. अनिमेष आर्य के मुताबिक, कुछ आदतें अपनाकर 15 मिनट में नींद लाई जा सकती है:

  • सांसों पर ध्यान दें: गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस दिमाग को शांत करती है।
  • शांत माहौल बनाएं: टीवी बंद करें, हल्की रोशनी रखें, रिलैक्सिंग म्यूजिक लगाएं।
  • ब्लू लाइट से बचें: सोने से 1-2 घंटे पहले स्क्रीन से दूरी रखें।
  • किताब पढ़ें: हल्की-फुल्की किताबें नींद लाने में मदद कर सकती हैं।
  • हर्बल टी ट्राई करें: कैमोमाइल या लैवेंडर टी सुकून देती है।
  • बेड आरामदायक बनाएं: सही गद्दा, तकिया और ठंडा माहौल नींद सुधारते हैं।