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🌹 दिनांक : 10 फरवरी 2024🌷
🌹 दिन – शनिवार🌷
🌹 विक्रम संवत – 2080🌷
🌹 शक संवत – 1945🌷
🌹 अयन – दक्षिणायन🌷
🌹 ऋतु – शिशिर🌷
🌹 मास – षौढ़🌷
🌹 तिथि – प्रतिपदा🌷
🌹 नक्षत्र – घनिष्ठा🌷
🌹 अमान्ता महीना – भाद्रपद🌷
🌹 योग – वरीघा🌷
🌹 सूर्योदय – सुबह 7:12 पर🌷
🌹 सूर्यास्त – शाम 6:07 पर🌷
🌹 प्रथम करण – किमस्तोगना🌷
🌹 द्वितीय करण – बावा🌷
🌹 दिशाशूल- उत्तर🌷
🌹 चंद्रराशि – मकर🌷
🌹 सूर्यराशि – मकर🌷
🌹 शुभमुहूर्त – अभिजीत🌷
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🍇पंचांग की जरूरत :
पंचांग का उपयोग मुख्यत्वे, काल गणना, तिथि वार, व्रत, शुभ मुहूर्त, देखने के लिए पंचांग का उपयोग किया जाता है. ज्योतिष गाइड के दैनिक पंचांग में नक्षत्र, योग, करन सहित, शुभ-अशुभ समय, मुहूर्त, चंद्र बल, तारा बल पंचांग में आसानीसे उपलब्ध है। पंचांग का निर्धारण, ब्रम्हांड की गति पर निर्भर है. इसलिए जैसे जैसे पृथ्वी भ्रमण करती है, पंचांग समय क्षेत्र के अनुसार बदलता दिखाई देता है. इसलिए एक ही पंचांग अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग अलग हो सकता है, इसलिए सही पंचांग का समय निर्धारण के लिए, क्षेत्र को चुनना अति महत्वपूर्ण है।
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🍇नक्षत्र :
आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।
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🍇योग :
नक्षत्र की भांति योग भी 27 प्रकार के होते हैं। सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग कहा जाता है। दूरियों के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम – विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति।
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🍇करण :
एक तिथि में दो करण होते हैं। एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में। ऐसे कुल 11 करण होते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं – बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न। विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और भद्रा में शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।
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🍇पंचांग क्या है :
पंचांग दैनिक ज्योतिषीय कैलेंडर है जो ग्रहों और सूक्ष्म स्थितियों के आधार पर चंद्र दिवस के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। इसमें पाँच विशेषताएँ शामिल हैं- तिथि (द लूनर डे), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चन्द्र मेंशन), योग (चन्द्र-सौर दिवस) और करण (आधा चन्द्र दिवस)। इन पांच विशेषताओं के आधार पर, ज्योतिषी किसी भी नए कार्य या हिंदू धार्मिक अनुष्ठान को शुरू करने के लिए मुहूर्त या शुभ समय का निर्धारण करते हैं और इसके साथ-साथ अशुभ समय को भी देखते हैं जिससे हर किसी को बचना चाहिए।
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🍇दैनिक पंचांग और उसका महत्व
प्राचीन ऋषियों और वेदों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, तो वह सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देता है और व्यक्ति को उसके कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद करता है। हिन्दू दैनिक पंचांग इस सौहार्द को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसके उपयोग से व्यक्ति को तिथि, योग और शुभ-अशुभ समयों में ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है। जिससे हम सूक्ष्म संचार के आधार पर उपयुक्त समय के बारे में जान सकते हैं और अपने समय और कार्य का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
ज्योतिषी लोगों को सुझाव देते हैं कि वे अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
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🍇राशिफल :
🎍मेष राशि : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

शैक्षिक या बौद्धिक कार्यों में सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। मानसिक शान्ति रहेगी। अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। मन में शान्ति एवं प्रसन्नता के भाव रहेंगे। माता का सानिध्य मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी।

🎍वृष राशि : (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। परन्तु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। भवन सुख में वृद्धि होगी। भौतिक सुखों का विस्तार होगा। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी।

मिथुन राशि : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

मन में नकारात्मक प्रभाव से बचें। मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम की अधिकता रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। अनावश्यक तनाव से बचें।

🎍कर्क राशि : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो)

मन अशान्त रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के झगड़ों आदि से बचें। किसी बुजुर्ग से धन प्राप्त हो सकता है। बातचीत में संयत रहें। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है।

🎍सिंह राशि : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों में सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। किसी पैतृक सम्पत्ति का लाभ हो सकता है। परविर में धार्मकि कार्य होंगे।

🎍कन्या राशि : (ढो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

मन अशान्त रहेगा। संयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। सम्पत्ति के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य से काम लें।

🎍तुला राशि : (र, री, रू, रे, रो, ता, ति, तू, ते)

धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। मन प्रसन्न रहेगा। कारोबार के विस्तार पर खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा का प्रभाव रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। आय में वृद्धि भी हो सकती है।

🎍वृश्चिक राशि : (तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू)

संयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखें। नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। परन्तु किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। आय में सुधार होगा। माता का सहयोग मिलेगा।

🎍धनु राशि : (य, यो, भा, भि, भू, ध, फा, ढ, भे)

आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। जीवनसाथी का साथ भी मिल सकता है। परिवार की समस्याएं परेशान करेंगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। मन अशान्त रहेगा। तनाव से बचें।

🎍मकर राशि : (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

वाणी में मधुरता रहेगी, परन्तु धैर्यशीलता बनाये रखने के भी प्रयास करें। नौकरी में परिवर्तन की सम्भावना बन रही है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। शिक्षा में कठिनाइयां आ सकती हैं।

🎍कुम्भ राशि : (गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द)

क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि हो सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। सन्तान को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा।

🎍मीन राशि : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची)

मन परेशान रहेगा। शैक्षिक कार्यों के लिए सचेत रहें। व्यवधान आ सकते हैं। किसी मित्र का कारोबार में सहयोग मिल सकता है। वाणी में सौम्यता रहेगी। फिर भी आत्मसंयत रहें। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। यात्रा पर जा सकते हैं।

🎍(पं. देव नारायण उपाध्याय, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य श्री स्वयंभू प्रकटेश्वर प्राचीन हनुमान मंदिर पानीपत) 🎍
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