नोएडा में हार्टअटैक की चपेट में आए एक 34 साल के क्रिकेट खिलाड़ी विकास नेगी की मौत हो गई। वह इंजीनियर थे और कॉर्पोरेट लीग के मैच में खेल रहे थे। उनके साथी खिलाड़ी उन्हें बचाने के लिए पिच पर दौड़ा, लेकिन बचाने में नाकाम रहा और उनकी मौत हो गई। हादसे ने क्रिकेट समुदाय को चौंका दिया है।
बता दें कि मैवरिक्स इलेवन और ब्लेजिंग बुल्स के बीच नोएडा कॉर्पोरेट लीग के मैच के दौरान यह हादसा हुआ। इस मैच में विकास नेगी नॉन-स्ट्राइकर एंड से बैटिंग कर रहे थे। उमेश कुमार ने एक चौका लगाया और फिर उन्होंने विकास के पास जाकर उन्हें बधाई देने के लिए स्ट्राइक एंड पर पहुंचा। इसी दौरान विकास ने हार्ट अटैक की चपेट में आकर पिच पर गिर गए।खिलाड़ी को बचाने के लिए दोनों टीमों के खिलाड़ी तत्परता से पिच पर पहुंचे और सीपीआर देने का प्रयास किया। उन्होंने उसे जमीन पर बैठाकर रखा और जल्दी हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन विकास की हालत इतनी गंभीर थी कि उनकी मौत हॉस्पिटल पहुंचते ही घोषित कर दी गई।

हादसे को देख चौक गए दर्शक
सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रेस्कुलेशन एक ऐसी तकनीक है। जिससे हार्ट अटैक के पीछे आने वाली समस्याओं में ठीकाना हो सकता है। इस तकनीक द्वारा रेस्क्यूअर्स बहुत देर तक व्यक्ति को जिंदा रखने का प्रयास करते हैं, जब तक मेडिकल सहायता पहुंचती है। हार्ट अटैक के पहले विकास ने अपनी टीम के लिए 7 रन बनाए थे। उन्होंने 6 गेंदों का सामना किया और टीम को 13.5 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 143 रन दिए थे। इस मैच का लाइव ब्रॉडकास्ट यूट्यूब पर देखा जा रहा था और यह हादसा सभी को भयानक आत्मत्राण में डाल दिया।

टूर्नामेंट को दिया रोक
मैवरिक्स इलेवन के सामने खड़े होकर बैटिंग कर रहे नेगी की मौत के बाद टूर्नामेंट को रोक दिया गया। सभी खिलाड़ी और उनके परिवार के सदस्यों को इस दुःखद घड़ी में संवेदना और समर्थन दिया जा रहा है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हुए वर्ल्ड कप फाइनल मैच के दौरान भी एक फैन को हार्ट अटैक की चपेट में आने की खबर आई थी। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था और भारत ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हराया था। हादसा स्पोर्ट्स जगत को सोचने पर मजबूर करता है कि खेल के मैदान में भी हार्ट अटैक की चपेट में आने वाली समस्याओं को कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है।