➤ कोर्ट ने गैंगस्टर काला जठेड़ी को जेल में ही आईवीएफ के जरिए पिता बनने की इजाजत दी
➤ पत्नी अनुराधा उर्फ मैडम मिंज के इलाज की समय-संवेदनशीलता को माना गया आधार
➤ पैरोल की मांग खारिज, लेकिन जेल में ही सैंपल कलेक्शन की कोर्ट ने दी मंजूरी
दिल्ली। राजधानी की एक अदालत ने गैंगस्टर काला जठेड़ी को तिहाड़ जेल में रहते हुए ही आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए पिता बनने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि हिरासत में रहते हुए भी मेडिकल अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
जठेड़ी ने अदालत से याचिका लगाई थी कि उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी (लेडी डॉन, उर्फ मैडम मिंज) आईवीएफ इलाज के एडवांस स्टेज में हैं और उनके वंशवृद्धि के अधिकार को सुरक्षित रखा जाए। कोर्ट ने 6 घंटे की पैरोल की मांग को ठुकरा दिया, लेकिन तिहाड़ जेल में ही मेडिकल सैंपल लेने की अनुमति दे दी।
एडिशनल सेशन जज दीपक वासन की अदालत ने आदेश दिया कि गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल की टीम 14 जून को सुबह 6 से 7 बजे के बीच तिहाड़ जेल जाकर जठेड़ी से जरूरी सीमन सैंपल कलेक्ट कर सकती है। कोर्ट ने साफ किया कि आईवीएफ जैसे मेडिकल मामलों में मानवीय आधार पर विचार जरूरी है।
काला जठेड़ी और अनुराधा की शादी 12 मार्च 2024 को दिल्ली के द्वारका स्थित बैंक्वेट हॉल में हुई थी। इस शादी के लिए भी कोर्ट ने उसे 6 घंटे की विशेष पैरोल दी थी। भारी सुरक्षा के बीच शादी संपन्न हुई थी। अब दंपति वंश बढ़ाने के अधिकार को लेकर फिर कोर्ट पहुंचे थे।
जठेड़ी के वकील रोहित कुमार दलाल ने कोर्ट में तर्क दिया था कि आईवीएफ प्रक्रिया समय-संवेदनशील होती है और इलाज की अहम स्टेज पर हैं, इसलिए अस्थायी पैरोल जरूरी है। कोर्ट ने दलील का समर्थन करते हुए कहा कि जेल में रहते हुए भी मेडिकल प्रक्रियाओं को लागू किया जा सकता है।

