भारतीय डायरेक्टरेट ऑफ इन्फॉर्मेशन (ईडी) ने बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से लैंड फॉर जॉब्स मामले में पूछताछ करने का मौका दिया। तेजस्वी समर्थकों के साथ पटना के बैंक रोड स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी गाड़ी को भीड़ ने घेर लिया। समर्थकों ने नारेबाजी की और कार को घेरा, लेकिन कठिनाइयों के बावजूद उनकी गाड़ी अंत में कार्यालय के अंदर पहुंची।
बता दें कि तेजस्वी की पहुंचते ही ईडी ने उनसे करीब 60 सवालों की तैयार लिस्ट पर आधारित पूछताछ शुरू की। जिसके लिए ईडी ने पहले से ही तैयारी की गई थी। तेजस्वी को पहली बार 5 जनवरी को ईडी ने दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने इसे नकारा, उस समय तेजस्वी बिहार के डिप्टी सीएम थे। तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद की तरह ही ईडी के दिल्ली और पटना टीम के अधिकारियों से भी पूछताछ होगी। सोमवार को ईडी ने राजद सुप्रीमो लालू यादव से भी 9 घंटे तक पूछताछ की थी। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ईडी दफ्तर पहुंचकर मनी लॉंड्रिंग मामले में सवालों का सामना करने का सामना किया है। उनसे 60 सवालों की लिस्ट के आधार पर पूछताछ की जा रही है। जिसमें लैंड फॉर जॉब केस के मामले की जानकारी ली जा रही है। तेजस्वी यादव की पहले भी मुलाकातें हो चुकी थीं, लेकिन इस बार उन्हें 60 सवालों की लिस्ट के साथ सामना करना होगा। दिल्ली और पटना के ईडी कार्यालय में मुद्दे के संबंधित अधिकारी मौजूद हैं।

कार्यकर्ताओं की उमड़ी भीड़
तेजस्वी यादव के ईडी ऑफिस पहुंचने से पहले कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो नारेबाजी कर रही थी। हालांकि, तेजस्वी ने उन्हें समझाया और ईडी कार्यालय के अंदर प्रवेश किया। इससे पहले भी उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे ईडी कार्यालय के सामने भीड़ न लगाएं। 22 दिसंबर और 5 जनवरी को तेजस्वी को ईडी ने पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने दोनों बार ईडी के सामने पेश नहीं होने का फैसला किया। 11 अप्रैल 2023 को भी उनसे इस मामले में ईडी ने 8 घंटे तक पूछताछ की थी।

लालू यादव से की गई एक दिन पहले 9 घंटे पूछताछ
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई एनडीए सरकार बनने के एक दिन बाद ही तेजस्वी यादव को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। लैंड फॉर जॉब केस के तहत ईडी ने 19 जनवरी को तेजस्वी को बुलाया था, जब उनसे 29 जनवरी को पूछताछ करने की तैयारी हो रही है। उनके पिता लालू यादव को भी 30 जनवरी को मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिसमें सोमवार को लालू यादव से ईडी ने करीब 9 घंटे तक पूछताछ की थी।

2004 से 2009 के बीच का मामला
लैंड फॉर जॉब केस के बारे में जानकारी के अनुसार, इसमें लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए ग्रुप डी की भर्ती के दौरान युवकों के परिजनों से जमीन के बदले में लाखों की मांग की गई थी। यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है और सीबीआई ने 18 मई 2022 को इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।