- 12 मई को सोना 4,007 रुपये गिरकर 92,511 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया
- एक लाख के पार गया सोना अब निवेशकों को घाटा दे रहा है, गिरावट 8% तक पहुंची
- गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण और मुनाफावसूली जिम्मेदार, जून-जुलाई में और गिरावट संभव
Gold Rate 2025: 12 मई 2025 को सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई, जिससे यह फिर से आम आदमी की पहुंच में आता नजर आ रहा है। कुछ हफ्ते पहले तक एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को छूने वाला सोना अब जमीन छूता नजर आ रहा है। एमसीएक्स (MCX) पर सोना 92,511 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है, जबकि यह दिन में 92,453 रुपये के लो पॉइंट तक भी गया।
22 अप्रैल को सोने ने 99,358 रुपये के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था, और कई मार्केट्स में तो यह आंकड़ा 1 लाख रुपये के पार चला गया था। इसके बाद अचानक 30% तक रिटर्न देने वाले इस पीली धातु ने अचानक रफ्तार खो दी और पहले 7% तथा अब और 8% तक की गिरावट देखी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक तनावों में नरमी, अमेरिकी टैरिफ नीति में लचीलापन और मुनाफावसूली जैसे कारण हैं। सर्राफा कारोबारी राहुल सोनी ने बताया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से टैरिफ को लेकर नरम रुख अपनाया गया, जिससे सोने में निवेशकों ने अपने मुनाफे निकालने शुरू कर दिए। इससे बाजार में गिरावट तेज हुई।
आज का हाई पॉइंट 95,500 रुपये और लो पॉइंट 92,453 रुपये रहा, वहीं शुक्रवार को सोना 96,518 रुपये पर बंद हुआ था। इसका मतलब है कि सोना महज 2 कारोबारी सत्रों में 4.15% तक नीचे गिर चुका है।
यह गिरावट ऐसे समय पर आई है जब लोग जून-जुलाई तक कीमतों में और बदलाव की संभावना जता रहे हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कीमतें फिर से 90,000 रुपये के स्तर तक भी जा सकती हैं, जिससे सोने में निवेश करने वालों को रणनीति फिर से तय करनी होगी।

