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पाक में आसमान से ज़मीन तक भारतीय क़हर, सभी पायलट सुरक्षित, नौसेना के निशाने पर था कराची

देश

 

  • ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने नौ आतंकी शिविरों को लक्षित कर 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया।
  • डीजीएमओ समेत थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी कार्रवाई की जानकारी।
  • पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और हवाई हमलों की साजिशें नाकाम, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाई।

नई दिल्ली। भारत की थल सेना, वायु सेना और नौसेना के सैन्य महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने रविवार को संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग कर “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत की गई सैन्य कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। यह प्रेस ब्रीफिंग बेहद प्रतीकात्मक तरीके से शुरू हुई, जिसमें पृष्ठभूमि में शिव तांडव स्तोत्र का संगीत चलाया गया — एक ऐसा संदेश जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की उग्र और निर्णायक नीति को दर्शाता है।

ब्रीफिंग में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (डीजीएमओ), एयर मार्शल ए.के. भारती, वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद और मेजर जनरल एसएस शारदा ने भाग लिया और सैन्य अभियान के हर पहलू को विस्तार से साझा किया।

पृष्ठभूमि: आतंक की घटना और भारत की प्रतिक्रिया

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की नींव 22 अप्रैल को रखी गई, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या की गई। इस दर्दनाक घटना के बाद भारत ने आतंक के खिलाफ निर्णायक और संतुलित जवाब देने का निर्णय लिया। इस ऑपरेशन के तहत नौ आतंकी शिविरों को चिन्हित किया गया और रणनीतिक योजना के तहत उन्हें पूरी तरह ध्वस्त किया गया।

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इन शिविरों में यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे कुख्यात आतंकवादी मौजूद थे, जो आईसी-814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले में संलिप्त थे। डीजीएमओ ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा और यह ऑपरेशन उसी का जवाब था।

पाकिस्तान की जवाबी बौखलाहट और भारत की तैयारी

भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान ने 8 और 9 मई की रात को ड्रोन और विमान भेजकर जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना और वायु रक्षा प्रणाली पहले से सतर्क थी। एयर मार्शल ए.के. भारती के अनुसार, जम्मू, उधमपुर, पठानकोट, अमृतसर, बठिंडा, डालहौजी और जैसलमेर जैसे कई शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, परंतु सभी हमले विफल रहे।

उन्होंने बताया कि लाहौर और गुजरांवाला के सैन्य प्रतिष्ठानों को भारतीय वायु सेना ने निशाना बनाया। खास बात यह रही कि पाकिस्तान ने अपने नागरिक विमानों को भी उसी क्षेत्र में उड़ान की अनुमति दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हुआ और भारतीय सेना को अत्यधिक सतर्कता बरतनी पड़ी।

इंटीग्रेटेड डिफेंस ग्रिड और रणनीतिक तालमेल

डीजीएमओ ने जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्रणाली को सक्रिय किया, जिससे थल सेना और वायु सेना ने समन्वित रूप से सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इस पूरी रणनीति में आकाश, जल और थल तीनों क्षेत्रों की सेनाएं सक्रिय रूप से शामिल रहीं।

वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा, “अगर पाकिस्तान दोबारा ऐसी किसी कार्रवाई की हिम्मत करता है, तो उसे पता है कि भारत क्या कर सकता है। हमारी रणनीति सटीक और समयबद्ध है।”

भारतीय बलिदान और दुश्मन को भारी नुकसान

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने जानकारी दी कि 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी की, जिसमें लगभग 35 से 40 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। भारत की ओर से भी पांच सैनिकों और कुछ नागरिकों की शहादत हुई, जिनके प्रति अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण ऑपरेशन युद्ध जैसी स्थिति का परिचायक है, और अब भारत आतंकवाद को केवल शब्दों में नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई के माध्यम से जवाब दे रहा है।

सवाल -जवाब


सवाल: पाकिस्तान के साथ सीजफायर पहले भी हुआ है। इस बार सीजफायर का उल्लंघन होता है या उनकी तरफ से कुछ हरकत की जाती है तो भारत क्या कार्रवाई करेगा? एयर मार्शल भारती: हां, आपने सही कहा कि पहले भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। इस बार भी यही हुआ है, लेकिन दुर्भाग्यवश 10 मई की शाम 7 बजे के करीब पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया। हमने इसके बारे में उन्हें बताया भी। देखते हैं आज क्या होता है। हमारे जवाब देने की बात हो तो आप जान सकते हैं भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

सवाल: ऑपरेशन के दौरान कितने पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस, S-400 मिसाइल की क्या भूमिका रही। एयर मार्शल भारती: अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके हिसाब से पाकिस्तान के 35 से 40 जवान मारे गए हैं। वैसे भी हमारा टारगेट उनकी सेना नहीं बल्कि आतंकी ठिकाने थे। भारत ने कौन से हथियारों का इस्तेमाल किया, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दी जा सकती। वैसे भी हमारा काम टारगेट को निशाना बनाना है, शव को गिनना नहीं।

सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में क्या राफेल का इस्तेमाल हुआ। क्या ऑपरेशन में इसे पाकिस्तान में क्रैश या मार गिराया गया? एयर मार्शल भारती: इस वक्त मैं इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगा क्योंकि हम अभी भी युद्ध की हालत में हैं। अगर मैं इस पर कुछ कहूंगा तो इसका उल्टा असर होगा। हम उन्हें (पाकिस्तान को) इस वक्त कोई फायदा नहीं देना चाहते हैं। बस इतना कहूंगा कि जो मकसद हमने तय किया उसे हासिल किया और हमारे सभी पायलट सुरक्षित वापस आए।

सवाल: हमने कितने पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया। एयर मार्शल भारती: ‘जैसा कि मैंने कहा, उनके विमानों को हमारी सीमा में आने से रोका गया। इसलिए हमारे पास मलबा नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से, हमने कुछ पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया है। संख्या के बारे में हम यहां कोई अनुमान नहीं लगाना चाहेंगे, मेरे पास संख्याएं हैं और हम इन्हें स्थापित करने के लिए तकनीकी विवरण प्राप्त कर रहे हैं। इसलिए मैं इस समय कोई आंकड़ा नहीं देना चाहूंगा।’

सवाल: पाकिस्तान में 21 आतंकी ठिकाने चुने गए हैं, जिसमें से 9 तबाह किए गए। आपका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है, क्या बचे हुए ठिकाने आगे तबाह किए जाएंगे?

लेफ्टिनेंट जनरल घई: भविष्य के ऑपरेशन के बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकता, लेकिन इतना तय है कि CDS ने हमारे सभी कमांडर को छूट दे रखी है कि वे किसी भी बॉर्डर वॉयलेशन का जवाब दें।