हरियाणा विधानसभा चुनाव में EVM चार्जिंग को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने स्पष्टता दी है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि EVM की बैटरी सिंगल यूज बैटरी की तरह होती है, जो मोबाइल बैटरी से भिन्न है।
आयोग ने बताया कि EVM में कम वोल्टेज के लिए एक प्रावधान है और कमीशनिंग के समय बैटरी 99% तक दिखाई देती है। यदि बैटरी 7.4% से कम होती है, तो यह कम बैटरी दिखाती है।
राजीव कुमार ने ECI के कामकाज के संबंध में 3 महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
- EVM को हैक करना संभव नहीं है, क्योंकि ये पेजर की तरह कनेक्टेड नहीं होती हैं।
- EVM की चेकिंग 6 महीने पहले शुरू होती है, और पोलिंग से पहले हर स्टेज पर राजनीतिक पार्टी के एजेंट मौजूद होते हैं।
- पोलिंग के दिन भी EVM की चेकिंग की जाएगी, जिसमें वीडियोग्राफी और बैटरी पर एजेंट के दस्तखत होंगे।
ECI ने यह भी कहा कि इस संबंध में 20 शिकायतें आई हैं, और आयोग हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब जल्दी ही प्रदान करेगा।