हरियाणा की बीजेपी सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह Hooda को चंडीगढ़ में आवंटित सेक्टर 7 की कोठी नंबर 70 खाली करने का आदेश दिया है। हुड्डा ने इसे खाली करने के लिए 15 दिन का समय मांगा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कोठी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को पसंद आ गई है। उन्होंने इसके लिए सरकार से आवेदन कर दिया है। कांग्रेस में नेता विपक्ष का चयन न हो पाने के कारण हुड्डा का दावा कमजोर पड़ गया है। अगर हुड्डा नेता विपक्ष होते, तो उन्हें यह कोठी खाली करने की नौबत नहीं आती, क्योंकि नेता विपक्ष को कैबिनेट रैंक का दर्जा होता है।
कोठी नंबर 70 की राजनीति
वर्ष 2019 में भूपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस की ओर से नेता विपक्ष बनाया गया था। इसके बाद उन्हें सेक्टर 7 की यह कोठी आवंटित की गई, जिसमें पिछले पांच साल से कांग्रेस की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। अब सरकार का कहना है कि कोठी खाली होते ही नए नेता विपक्ष को इसे आवंटित किया जाएगा।
क्यों है कोठी नंबर 70 खास?
चंडीगढ़ के सेक्टर 3 और सेक्टर 7 की कोठियां मंत्रियों की पहली पसंद मानी जाती हैं। सेक्टर 7 में कोठी नंबर 70 को छोड़कर बाकी सभी कोठियां पहले ही आवंटित हो चुकी हैं।
हुड्डा के फैसलों पर उठे सवाल
जब हुड्डा मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने एक नियम बनाया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा और सुविधाएं मिलेंगी। इसे विपक्ष ने खुद के लिए लाभ का नियम बताते हुए आलोचना की थी। हालांकि, 2014 में बीजेपी की सरकार आने के बाद इस नियम को रद्द कर दिया गया।