Karnal Lok Sabha Elections 2024 : हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों के विरोध का सिलसिला लगातार जारी है। भाजपा प्रत्याशियों के विरोध के बाद अब हरियाणा के करनाल में पूर्व मुख्यमंत्री एवं करनाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल खट्टर को किसानों ने काले झंडे दिखाकर उनका विरोध जताया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री का काफिका रोकने का भी प्रयास किया गया।
बताया जा रहा है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल करनाल लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे। उन्होंने असंध विधानसभा क्षेत्र से चुनावी रथयात्रा का आगाज़ किया था। असंध हलके के गांव गंगाटेहड़ी पोपड़ा से उन्होंने रोड शो की शुरूआत की थी। उनके समर्थन में लोग भी उमड़े थे। असंध के सर छोटू राम चौक के नजदीक रतक गांव में जब उनका काफिला पहुंचा तो मनोहर लाल को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और रास्ता रोकने की कोशिश भी की।

इस दौरान किसानों ने जमकर हंगामा किया और शोर मचाते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। किसानों ने बड़ी-बड़ी लाठी-डंडों में बंधे काले झंडों को लहराया और पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी के पीछे भागना शुरू कर दिया। इस दौरान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल भारत माता की जय के नारे लगाते हुए काफिले के साथ तेजी से निकल गए।
बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं करनाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल को अपने क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा। मंगलवार को नामांकन दाखिल करने से पूर्व सीएम ने चुनाव प्रचार शुरू किया दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने असंध के गंगाटेहड़ी पोपड़ा से रोड शो शुरू किया। जिसे रात 8 बजे निसिंग की पुरानी अनाज मंडी में रोड शो खत्म किया।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जगह-जगह किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। गांव गंगाटेहड़ी से मनोहर लाल खट्टर का रोड शो शुरू हुआ, लेकिन जैसे ही काफिला अंसध के गांव बलौना पहुंचा। वहां भारी संख्या में मौजूद किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने जहां मनोहर लाल को काले झंडे दिखाए, वहीं उनके काफिले में शामिल अन्य गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, किसानों गाड़ियों पर लगे भाजपा के पोस्टर भी फाड़ दिए।

वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के बाद किसानों ने कहा कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर लाठियां भांजी गई और गोलियां तक चलाई गई। ऐसे में मनोहर लाल खट्टर किस मुंह से यहां वोट मांगने के लिए आए हैं। उनको शर्म आनी चाहिए। किसानों ने कहा कि वह मनोहर लाल से सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन उन्होंने बात करना भी मुनासिब नहीं समझा।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को गांव रत्तक में इससे भी ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ा। यहां किसानों ने गांव में काफिले का घुसने से पहले ही रोक दिया। विरोध को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को रत्तक से रास्ता बदलकर चौचड़ा गांव जाना पड़ा। वहां से वह गांव-गांव होते हुए वह निसिंग पहुंचे और अपने रोड शो को खत्म किया।





