घर में मूर्तियों को रखने से जुड़े वास्तु और फेंग शुई के कुछ नियम होते हैं। ये नियम जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने और समृद्धि बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। जानें कौन सी मूर्तियां शुभ मानी जाती हैं और उन्हें घर में रखने से क्या लाभ हो सकता है।
कछुए की मूर्ति
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कछुआ भगवान विष्णु का रूप है। घर में कछुए की मूर्ति रखने से सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि आती है। इसे घर की उत्तर दिशा में रखना शुभ होता है, जिससे धन का आगमन बढ़ता है।
हाथी की मूर्ति
हाथी को प्राचीन काल से ही समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। देवी लक्ष्मी की सवारी होने के कारण, इसे घर में रखना शुभ माना गया है। हाथी की मूर्ति को उत्तर या पूर्व दिशा में रखने से सुख-समृद्धि आती है। यदि चांदी का हाथी बेडरूम में रखा जाए, तो यह राहु दोष से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।
हंस की मूर्ति
हंस प्रेम, शांति और सामंजस्य का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में हंस की जोड़ी की मूर्तियां रखने से पति-पत्नी के बीच स्नेह बढ़ता है और वित्तीय लाभ होता है।
तोते की मूर्ति
तोता वास्तु में प्रेम और सकारात्मकता का प्रतीक है। बच्चों के कमरे में तोते की मूर्ति या चित्र रखने से उनकी पढ़ाई में ध्यान बढ़ता है। फेंग शुई के अनुसार, तोता पृथ्वी, अग्नि, जल, लकड़ी और धातु का प्रतीक है। घर में इसे रखने से सुख और समृद्धि बढ़ती है।
मछली की मूर्ति
रंग-बिरंगी मछलियों के टैंक आजकल कई घरों में देखे जाते हैं। वास्तु और फेंग शुई के अनुसार, मछलियों की मूर्ति रखना भी शुभ माना जाता है। अगर असली मछलियां रखना संभव न हो, तो पीतल या चांदी की मछलियों की मूर्तियां घर में रखी जा सकती हैं। इसे घर की पूर्व या उत्तर दिशा में रखने से जीवन में सुधार होता है।
वास्तु और फेंग शुई के अनुसार, सही दिशा में शुभ प्रतीकों की मूर्तियां रखने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक एवं पारिवारिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है।